जिले में लूट करने वाले बिहार गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
कैंट, गुलरिहा, चौरीचौरा के अलावा अन्य जिलों में की गईं दस वारदातों का पर्दाफाश
नकदी, आधार कार्ड समेत कई सामान बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले में बैंकों के आसपास महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर वारदात करने वाले बिहार के गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने नकदी व अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि गैंग के सदस्य शहर में किराए पर होटल लेते थे और वारदात को अंजाम देकर बिहार चले जाते थे। आरोपियों ने पूछताछ में गोरखपुर के अलावा बिहार की कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क कर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है।
पुलिस लाइंस में एसपी क्राइम अशोक कुमार वर्मा और सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि शहर से लेकर देहात तक कई घटनाएं सामने आईं थीं। पर्दाफाश के लिए पुलिस के अलावा सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच को लगाया गया था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि पुलिस लाइंस के पास ही तीन युवक खड़े हैं जो आपराधिक किस्म के लग रहे हैं। पुलिस ने तीनों को पकड़कर पूछताछ की तो इन्होंने जुल्म कबूल कर लिया है। इनके पास से 51 हजार 250 रुपये, दो पासबुक, एक निर्वाचन कार्ड, तीन आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, दो मोबाइल, एक बाइक बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपियाें की पहचान बिहार के गोपालगंज, भोरे निवासी प्रिंस सिंह उर्फ गोलू सिंह पुत्र भुनेश्वर सिंह, बिहार, बेगूसराय निवासी गोविंद पांडेय पुत्र अशोक पांडेय और बैरिया, मुजफ्फरपुर निवासी गोविंदा पुत्र रामविजय के रूप में हुई है। सीओ ने बताया कि पूछताछ में इन्होंने कैंट में पांच, गुलरिहा और चौरीचौरा में एक-एक घटनाओं के अलावा बलिया में एक और गोपालगंज में दो घटनाओं शामिल होने की बात कबूल की है।
बस स्टेशन के आसपास लेते थे होटल
सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपी बस स्टेशन के आसपास होटल लेते थे और वारदात को अंजाम देकर वापस बिहार भाग जाते थे। गिरोह के सदस्य ज्यादातर महिला, बुजुर्ग और यात्रियों को निशाना बनाते थे।