गोरखपुर। तिवारीपुर के अंधियारीबाग गली में संविदा कर्मचारी सनी चौरसिया की हत्या सूद के रुपयों के लेनदेन में होने की आशंका है। पुलिस की शुरुआती जांच में रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। यह भी सामने आया है कि आरोपी के साथ सनी की पुरानी दोस्ती थी और साथ ही रहते थे। इस बीच दोनों में किस बात को लेकर अदावत हो गई और नौबत हत्या तक आ गई इस पर खुलकर घरवाले अभी कुछ नहीं बोल रहे हैं। पुलिस रुपये के लेनदेन के अलावा अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। आरोपी बंटी पर एक साल पहले रेलवे कर्मचारी की पत्नी की हत्या का भी आरोप लगा था लेकिन तब मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था। इसके अलावा बड़े काजीपुर के एक युवक पर भी गोली चलाने के मामले में बंटी का ही नाम सामने आया था।
बंटी के नाम से खौफ खाते है मोहल्ले वाले
बंटी सूद का कारोबार करता है। सूद की वसूली के लिए मारपीट करना उसके लिए आम बात है। उसकी दहशत का आलम यह है कि मारपीट करने पर यदि कोई शिकायत थाने पर जाती है तो स्थानीय लोग गवाही को तैयार नहीं होते हैं। हत्या के बाद भी स्थानीय लोग आए लेकिन खुद का नाम बताने से बचते रहे।
चार भाई-बहन में दूसरे नंबर का था मृतक
मृतक सनी चौरसिया चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई गोलू चौरसिया ऑटो चलाकर जीवन यापन करते हैं। जबकि दो बहनों ज्योति और जया की अभी शादी नहीं हुई है। सनी की भी शादी नहीं हुई थी। पिता ध्यानचंद एक दुकान पर काम करते हैं।
दो महीने पहले ही मिला था आवास
ध्यानचंद के नाम से दो महीने पहले ही प्रधानमंत्री आवास मिला था। इसके बाद ही घर में थोड़ी खुशहाली आई थी। इसके पहले ये लोग टीनशेड के मकान में रहते थे।
बंटी के पिता की है कैंटिन
मुख्य आरोपी बंटी यादव के पिता कमलेश की रेलवे स्टेशन पर कैंटिन हैं। पड़ोसियों के मुताबिक पिता के साथ ही आते जाते उसने रेलवे में भी सूद के कारोबार को बढ़ाने की कोशिश की थी।