कोर्ट की सख्ती, जेल जाना ही पड़ा
आज बीआरडी के डाक्टर तय करेंगे डॉ. डीपी सिंह को भर्ती किया जाए या नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राखी हत्याकांड के मुख्य आरोपी डॉ. डीपी सिंह को जेल से बचाने के लिए हुई कोशिशें कोर्ट की सख्ती से नाकाम हो गईं। कोशिश की बात इसलिए कही जा रही कि सुबह से सीने में दर्द और ब्लडप्रेशर हाई बता रहे डॉ. डीपी सिंह को दोपहर में डॉक्टर की ड्यूटी बदलने के बाद जिला अस्पताल लाया गया। उन्हें भर्ती भी कर लिया गया।
विवेचक ने कोर्ट में दो आरोपियों प्रमोद सिंह और देश दीपक को पेश कर रिमांड के लिए अनुरोध किया। डॉ. डीपी सिंह के बारे में विवेचक ने अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी पर जज के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। तब जज ने रिमांड के लिए उन्हें भी पेश करने को कहा। विवेचक ने अधिकारियों को बताया फिर डॉ. डीपी सिंह को एंबुलेंस से कोर्ट में लाया गया। यहां से उन्हें फिर जेल भेज दिया गया।
आज बीआरडी के डॉक्टर करेंगे जांच
अब जेल अस्पताल में रखे गए डॉ. डीपी सिंह की जांच रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक करेंगे। इसके बाद आगे के इलाज पर पैसला होगा। शनिवार को जिला अस्पताल में डॉ. सिंह के सीने का एक्सरे कराने के बाद डॉक्टर ने रिपोर्ट हृदयरोग विशेषज्ञ के आने के बाद देने की बात कही तो उन्हें बुलाया गया। उन्होंने जांच के बाद बीआरडी रेफर कर दिया था।
सीने में दर्द, चेहरे पर मुस्कान
जिला अस्पताल में भर्ती डॉ. डीपी सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। ग्लूकोज भी चढ़ाया जा रहा था लेकिन उनके चेहरे पर मुस्कान थी। मीडियाकर्मियों का जमावड़ा था पर जब उन्हें जांच के लिए लाया गया तो वार्ड खाली करा दिया गया।
जेल की दाल-रोटी मिली
शनिवार की रात डॉ. डीपी सिंह को खाने में रोटी और दाल दिया गया। सह अभियुक्तों प्रमोद सिंह और देशदीपक को मिलेनियम बैरक में रखा गया है।