पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजाराम ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर जल्द ही आरपीएफ के दो थाने बनेंगे। एक थाने से सर्कुेलेटिंग एरिया में गुड्स शेड और दूसरे थाने से प्लेटफॉर्म की निगरानी होगी। दोनों थानों पर सब इंस्पेक्टर को पदोन्नत कर तैनात किया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि आउट हाउस में रेलवे अधिकारियों की आड़ में ठहरने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए अधिकारियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है, ताकि मौके पर चेकिंग में आसानी हो सके।
मुख्य सुरक्षा आयुक्त शुक्रवार को रेलवे सीएमई दफ्तर में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने आरपीएफ की भावी योजनाएं और बीते वर्ष की रिपोर्ट साझा की। कहा कि विशेष अपराध निरोधक टीमों के गठन से अपराध पर अंकुश लगा है। यात्रियों के सामानों की चोरी 8.21 फीसदी बढ़ी है लेकिन चोरों की गिरफ्तारियां भी 42.66 फीसदी ज्यादा हुई है। जहरखुरानी की घटनाएं कम हुई हैं। वर्ष 2017 में 17 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि वर्ष 2016 में 35 मामले दर्ज हुए थे। इसी तरह बीते वर्ष सिर्फ डकैती की एक घटना हुई और वर्ष 2016 में पांच घटनाएं घटी थीं। उन्होंने बताया कि ट्विटर पर सहयोग मांगने वालों की संख्या बढ़ी है। 965 यात्रियों ने बीते वर्ष ट्वीट कर सहायता मांगी, जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 344 थी। पत्रकार वार्ता के दौरान एनईआर के पीआरओ सीपी चौहान भी मौजूद थे।
जीएम दफ्तर में लगेेंगे सीसीटीवी कैमरे
मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि महाप्रबंधक कार्यालय की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से होगी। जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों की निगरानी किया जा सके।
महिला ट्रेनिंग सेंटर में अलग बैरक
आरपीएफ की महिला ट्रेनिंग सेंटर में महिला सुरक्षाकर्मियों के लिए अलग से बैरक का निर्माण किया जा रहा है। इसके बनने से काफी सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा राजपत्रित अधिकारियों के लिए मेस का निर्माण भी शुरू करा दिया गया है।