गोरखपुर। बाघागाड़ा के पास प्रखर वन और प्रखर टू एक्सप्रेस रेजिडेंसी का प्रोजेक्ट बनाकर रियल इस्टेट कंपनी आर संस इंफ्रा लैंड डेवलपर्स ने निवेश कराया लेकिन प्लाट नहीं दिया। इससे परेशान शहर के 52 लोगों ने एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता से मुलाकात की और आरोप लगाया कि रियल इस्टेट कंपनी ने गोरखपुर के लोगों से साढ़े तीन करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। यह मामला 2015 और 2016 का है। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी सिटी को दी। एसपी सिटी ने मामले में कानूनी सलाह ली, फिर शनिवार को मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।
अभिषेक सिंह के 15 लाख, मीना गुप्ता के 13 लाख, कृष्णा देवी के 11.71 लाख और अजय पांडेय के 11 लाख डूबे हैं। अमिय रमण, अशोक कुमार मल्ल, अशोक कुमार सिंह, विजेंद्र सिंह, अंजलि श्रीवास्तव, टीएन सिंह, आरती सिंह, अनिल कुमार सिंह और शैलेश पांडेय की 10 लाख रुपये से ज्यादा रकम फंसी है।
आज प्रदर्शन करेंगे पीड़ित
रकम डूबने से नाराज लोगों ने रविवार को भगत चौराहा स्थित आरसंस इफ्रालैंड डेवलपर्स के पूर्व प्रबंधक मुकेश शाही के दफ्तर को घेरने का फैसला किया है। रेलवे से रिटायर अमिय रमण का कहना है कि प्रबंध के साथ ही प्रियंका मिश्रा, तबस्सुम और तरन्नुम के जालसाजी का पर्दाफाश किया जाएगा। रियल इस्टेट कंपनी के खिलाफ लखनऊ में कई मुकदमे दर्ज हैं।
कानूनी सलाह के बाद मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश कर दिया है। फाइल कैंट थानाध्यक्ष के पास भेजी गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
विनय कुमार सिंह, एसपी सिटी गोरखपुर