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मर्सिया मातम के बीच दफन हुए ताजिये

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गोरखपुर।
इमामबाड़ा इस्टेट से दसवीं मुहर्रम का शाही जुलूस रविवार को परंपरागत तरीके से निकला। बैंड, शहनाई वादक, घुड़सवारों से लैस इस जुलूस की शोभा रंगबिरंगे और भव्य ताजिये बढ़ाते रहे थे। लाइन का जुलूस भी आकर्षण का केंद्र रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में खिचड़ा खिलाया और सबील बांटी गई। मर्सिया और मातम के बीच कर्बला के मैदान में परंपरागत ढंग से ताजिये दफन किए गए।
इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी फाटक से शुरू हुए जुलूस का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। जुलूस बख्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज, जाफरा बाजार होते हुए कर्बला के मैदान में पहुंचा। यहां मियां साहब ने साथियों के साथ शोहदाने कर्बला की याद में फातिहा पढ़ी। कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश करने के बाद ताजिये दफन किए गए। इससे पहले जुलूस मार्ग पर कई जगह लोगों ने ताजियों की जियारत की और दुआएं मांगीं। जगह-जगह जुलूस में शामिल लोगों का पानी की बोतलें एवं सबील देकर इस्तकबाल किया गया। हिंदू-मुस्लिम एकता कमेटी की तरफ से अलीनगर चौराहे पर शाकिर अली सलमानी की सरपरस्ती में मियां साहब के शाही जुलूस का स्वागत हुआ। अध्यक्ष मोहम्मद यासिर अली, अमित सिंह, शाहरुख खान, निसार अहमद, बन्दू सलमानी, अहाद आदि मौजूद रहे। सपा के नगर सचिव आफताब अहमद के नेतृत्व में शाही जुलूस का असुरन चौक पर स्वागत किया गया। यहां मोहम्मद हसन, समीम अहमद, उदय सिंह, मो. सैफ, मुन्ना भाई, कैशर, दिलशाद, शक्ति पांडेय, शहजादे आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर देर रात तक लाइन अखाड़ा का जुलूस निकाला गया। इसमें विभिन्न इलाकों के ताजियेदार शामिल हुए। गोलघर से शास्त्री चौक, अलहदादपुर, रायगंज, रेती चौक, उर्दू बाजार, नखास, बक्शीपुर, हजारीपुर, अलीनगर होते हुए धर्मशाला कर्बला जाकर खत्म हुआ।
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मजलिसों का हुआ समापन
मस्जिदों व घरों में इमाम हुसैन व उनके जांनिसारों की याद में चल रहीं मजलिसों का रविवार को समापन हुआ। गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, फिरदौस मस्जिद जमुनहिया बाग, बेलाल मस्जिद रसूलपुर, दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल, चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर, बेलाल मस्जिद अलहदादपुर, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, मकबरे वाली मस्जिद बनकटी चक आदि में लोगों ने जिक्र-ए-शोहदा-ए-कर्बला सुना।
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