गोरखपुर।
निलंबित और गिरफ्तार एआरटीओ आरएस यादव का रुस्तमपुर ढाला हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग स्थित कॉम्प्लेक्स का बेसमेंट अवैध है। इसके व्यावसायिक इस्तेमाल का नक्शा पास नहीं है। पार्किंग भी नहीं है। इसके बावजूद बेसमेंट में यूनियन बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय खुला है। सालाना लाखों रुपये किराया वसूला जा रहा है। अब गोरखपुर डेवलपमेंट अथारिटी (जीडीए) ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और बेसमेंट को पार्किंग में तब्दील करने का नोटिस एआरटीओ या फिर उनके घर वालों को भेजा है। बेसमेंट को पार्किंग में नहीं बदला गया तो जीडीए सीलिंग की कार्रवाई करेगा। ऐसी स्थिति में यूनियन बैंक को क्षेत्रीय कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ सकता है।
चंदौली के एआरटीओ रहते हुए सहजनवां, गोरखपुर के एआरटीओ ने भ्रष्टाचार किया और आय से अधिक संपत्ति जुटा ली। इसी मामले में जौनपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। अब गोरखपुर के हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग पर बने उनके आलीशान कॉम्प्लेक्स के निर्माण की जानकारी जुटाई गई है। जीडीए की तरफ से कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक एआरटीओ ने नक्शे के विपरीत निर्माण कार्य कराया है। कांम्प्लेक्स के अगले और पिछले हिस्से का 10 फीसदी निर्माण अवैध है। इस पर जीडीए जुर्माना वसूल सकता है। यदि जुर्माना नहीं मिला तो नक्शे के विपरीत बने भवन या फिर दूसरे निर्माण को ढहाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक आलीशान कॉम्प्लेक्स में फ्लैट बने हुए हैं। ज्यादातर फ्लैट किराये पर दिए गए हैं। ऐसे में पार्किंग का होना जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है। आलीशान कॉम्प्लेक्स का नक्शा 2004 में पास हुआ है लेकिन इसमें पार्किंग नहीं है। बेसमेंट ही दिखाया गया है। नियमानुसार, यह गलत है। प्राधिकरण से संबंधित कानून में वर्ष 2008 से बदला गया था। अब किसी भी फ्लैट या फिर बड़ी बिल्डिंग में पार्किंग जरूरी होती है, तभी नक्शा पास होता है। इस मामले में भी ऐसा होगा। बेसमेंट को पार्किंग बनाना पड़ेगा। कोई दूसरा रास्ता नहीं है।