गोरखपुर। रेलवे के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीओ) तरुण शुक्ला के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक तरुण ने मुंह में रिवाल्वर सटाकर गोली मारी थी। खून बहकर उनके सीने तक पहुंच गया था। अब गोरखपुर पुलिस और आरपीएफ खुदकुशी का कारण तलाशने की कोशिश में लगी है। पुलिस को तरुण की खुदकुशी पर कोई संदेह नहीं है लेकिन वह वजह जानना चाहती है।
शाहपुर के कौवाबाग रेलवे कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में तरुण शुक्ला ने खुद को गोली से उड़ा लिया था। बेटी तन्वी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइंग रूम का दरवाजा तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मेज पर तरुण का पैर सीधा होने और मुंह, सीने दोनों जगहों से खून का बहाव होता देखा यह आशंका जताई गई थी कि उन्होंने सीने पर गोली मारी थी।
इस कारण उनकी तुरंत मौत हो गई थी, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक मुंह में गोली मारी गई, जो सिर के पिछले हिस्से जाकर फंसी थी। पुलिस घरेलू विवाद में खुदकुशी की बात कह रही है। तरुण मूल से बरेली के रहने वाले थे। कानपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह गोरखपुर में लंबे समय से रेलवे आफिसर थे।
तरुण शुक्ला के पास अंग्रेजी में लिखे मिले दो पेज के सुसाइड नोट की राइटिंग का भी पुलिस एक्सपर्ट से मिलान कराएगी जिसमें आत्महत्या की वजह व्यक्तिगत बताई गई थी। आत्महत्या के समय रिवाल्वर तरुण के पेट पर पड़ी थी। उनका पैर टेबल पर था और शरीर सोफे पर। पास ही कांच का गिलास भी रखा मिला।
एसएसपी शलभ माथुर ने कहा, रेलवे अफसर ने मुंह में सटाकर गोली मारी थी। इसकी पुष्टि हो गई है। कहीं कोई संदेह की स्थिति नहीं है। तरुण ने आत्महत्या की थी। परिवार वालों ने भी किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम के बाद रेलवे अफसर का दाह संस्कार कर दिया गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर रही शुभचिंतकों की भीड़
तरुण शुक्ला के सरकारी आवास पर बुधवार को सन्नाटा रहा। दोपहर तीन बजे के करीब पोस्टमार्टम शुरू हो सका। सुबह से ही उनके शुभचिंतक, परिवार के लोग, रिश्तेदारों के अलावा बरेली के उनके साथी और पड़ोसी भी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। वे देर शाम शव लेकर सरकारी आवास चले गए।
घर वालों की चुप्पी से सभी हैरान
तरुण शुक्ला की खुदकुशी से जहां उनके साथी अधिकारी, कर्मचारी हैरान हैं वहीं परिवार वाले कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वे अभी पुलिस के सवालों के भी जवाब नहीं दे रहे हैं। अब गुरुवार को पुलिस फिर उनसे बातचीत करेगी।
शोक सभा कर दी गई श्रद्धांजलि
तरुण शुक्ला की मौत की खबर फैलते ही खेल प्रेमियों और रेलवे कर्मचारियों में शोक छा गया। बुधवार को रेलवे और कई संगठन की ओर से शोकसभा का आयोजन किया गया। संाख्यिकीय कार्यालय पूर्वोत्तर रेलवे में संख्यिकी अधिकारी देव आनंद समेत कई कर्मचारी मौजूद थे। शंकर शरण वर्मा मेमोरियल सोसाइटी की ओर से आयोजित शोक सभा में सभी ने दो मिनट मौन रहकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।