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जिला अस्पताल में छेड़खानी के मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक ने मांगी रिपोर्ट

Mon, 29 Jan 2018 08:41 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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ज‌िला अस्‍पताल। - फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल में इलाज कराने आई युवती से छेड़खानी के मामले में आरोपी स्वास्थ्यकर्मी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। महानिदेशक ने एसआईसी से मामले में रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
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घटना बीते 10 जनवरी की रात की है। परिवारीजनों के साथ इलाज कराने पहुंची युवती ने इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। युवती के शोर मचाने पर वहां मौजूद मां ने विरोध किया तो कर्मचारी ने दोनों को धमकी भी दी थी। डीएम के निर्देश पर इसकी जांच तीन डॉक्टरों की कमेटी ने की। सूत्रों की माने तो कमेटी ने पीड़िता, उसकी मां, परिवारीजन, वार्ड में भर्ती अन्य मरीज और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के बयान के आधार पर कर्मचारी को दोषी पाया। एसआईसी ने 14 दिन पूर्व जांच कमेटी की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक डीएम ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।

उधर, महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह ने शनिवार को एसआईसी डॉ. राजकुमार गुप्ता से पूरे प्रकरण की जानकारी ली थी। उन्होंने जांच रिपोर्ट भी तलब की है। हालांकि उन्हें पहले भी रिपोर्ट भेजी गई थी। दूसरी ओर डीजी पैरामेडिकल ने भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
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एडी हेल्थ ने शुरू की घूस कांड की जांच, आरोपी बाबू से मांगा 15 दिन में स्पष्टीकरण
जिला महिला अस्पताल में बाबू के घूस लेने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। एडी हेल्थ ने इसकी जांच शुरू कर दी है। आरोप पत्र के आधार पर वरिष्ठ लिपिक से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। महिला अस्पताल में संविदा कर्मचारियों से रिन्युवल के नाम पर वरिष्ठ लिपिक पर कमीशन मांगने का आरोप लगा था। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह दौरे के दौरान संविदा कर्मचारियों ने इसकी शिकायत उनसे भी की थी। तब स्वास्थ्य मंत्री ने वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ  डीएम को जांच के निर्देश दिए थे।

वहीं सीएमओ को जांच में सहयोग करने के लिए कहा था। इसके बाद शिकायत करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को निकाल दिया गया था। कर्मी ने डीएम के अलावा अन्य अफसरों से शिकायत की थी। सीएमओ की जांच में आरोप सिद्ध होने पर उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। शासन की ओर से वरिष्ठ लिपिक को सस्पेंड कर एडी कार्यालय से अटैच कर दिया गया था। इस मामले में एडी हेल्थ ने आरोप पत्र के आधार पर वरिष्ठ लिपिक सुदामा प्रसाद से स्पष्टीकरण मांगा है। एडी हेल्थ डॉ. पुष्कर आनंद ने बताया कि अभी तक जवाब नहीं मिला है। जवाब के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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