सहजनवां।
मिनवा चौराहे के पास मंगलवार रात एक विवाहिता की लाश छत की कुंडी से लटकी मिली। बिना पुलिस को सूचना दिए ही ससुराल वाले दाह संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी मौत की सूचना पर मायके वाले पहुंच गए और दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही विवाहिता की मां की तहरीर पर दामाद, ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के विनायक गांव निवासी सुमित्रा देवी की बेटी निशा (32) की शादी 17 फरवरी 2011 को मिनवा गांव निवासी प्रधानाध्यापक नंदू गुप्ता के बेटे वेदप्रकाश से हुई थी। मां का आरोप है कि ससुराल जाते ही निशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। इस पर दो साल पहले वेदप्रकाश को चार किश्तों में डेढ़ लाख रुपये दिए भी थे। इसके बाद एक लाख रुपये और मांगे जाने लगे। सुमित्रा ने बताया कि एक अगस्त की देर रात निशा ने फोन कर प्रताड़ित किए जाने की बात भी कही थी और कहा था कि उसकी हत्या हो जाएगी। सुबह मौत की सूचना मिली। सुमित्रा देवी ने तहरीर देकर दामाद वेदप्रकाश, पिता नंदू गुप्ता तथा वेदप्रकाश की तीन बहनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वेदप्रकाश मिनवा प्राथमिक विद्यालय में प्रेरक है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि दहेज हत्या का केस दर्ज कर जांच की जा रही है।