गोरखपुर।
गोरखपुर रेंज के चारों जिले के पुलिस कप्तानों के साथ डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने क्राइम मीटिंग की। इस दौरान डीआईजी ने पिछले छह महीने में अपराधों में कमी आने पर अफसरों को और बेहतर काम करने की नसीहत दी। डीआईजी ने कहा कि लूट, डकैती, चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ पुरानी घटनाओं का जल्द पर्दाफाश करना होगा। शासन की योजनाओं पर गंभीरता से पुलिस अफसर काम करें। गोरखपुर इस मामले में पीछे है। जन शिकायतों की समीक्षा में गोरखपुर की स्थिति बेहतर है। अन्य जिलों इसमें सुधार करें।
डीआईजी ने कहा कि देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में लूट, बलवा, चोरी की घटनाओं में कमी आई है। इसके इतर गोरखपुर जिला अभी इसमें काफी पीछे है। खासकर लूट की घटनाओं को रोक पाने में गोरखपुर पुलिस नाकाम ही साबित हो रही है। अभी भी आठ घटनाएं गोरखपुर में हत्या, लूट की ऐसी है, जिसका पर्दाफाश गोरखपुर पुलिस नहीं कर सकी है। पुलिस अफसरों के आदेश पर चलाए जा रहे अभियान में भी गोरखपुर की स्थिति बेहद खराब है। कुशीनगर और महराजगंज की स्थिति सबसे बेहतर है। डीआईजी ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वह अभियान चलाकर कर अपराधियों को पकड़े और पुरानी घटनाओं का पर्दाफाश करें। शासन की मंशा के अनुरूप जन शिकायतों का निपटारा होना चाहिए।
यह दिए निर्देश
- बाढ़ वाले इलाकों में गांव खाली कराने का रिहर्सल करें पुलिस
- पानी में डूबने वाली चौकी, थाने की वैकल्पिक व्यवस्था करें
- जन सुनवाई का प्राथमिकता पर करें निपटारा
- कांवड़ियों के ठहरने वाली जगह जैसे धर्मशाला आदि का नंबर लें
- तबादला हो चुके पुलिस और अफसरों को रिलीव करें
- मंदिरों पर सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया जाए
- थाना पुलिस फरियाद सुने, रिपोर्ट दर्ज करने में कोेताही बर्दाश्त नहीं
- पब्लिक से बेहतर व्यवहार करें, शिकायत पर होगी कार्रवाई