फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहित के समर्थन में ग्यारह लोगों ने शपथ पत्र दिया

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
बेतियाहाता के दवा व्यापारी नीरज रामरायका के समर्थन में आए कॉलोनी वासियों ने आईजी मोहित अग्रवाल के दफ्तर पहुंचकर शपथ पत्र दिया है। इसके जरिए 11 लोगों ने रोहित को बेगुनाह होने की बात दोहराई है। इन लोगों के साथ रोहित की मां गीता वर्मा भी मौजूद रहीं। उधर, दबाव बढ़ने पर एसएसपी के आदेश पर जांच करने गई सीओ गोरखनाथ (आईपीएस) चारु निगम ने भी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए है, वह रोहित के खिलाफ ही हैं।
विज्ञापन

15 जून की रात नीरज रामरायका की कैंट इलाके में घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच में लगी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर घटना का पर्दाफाश कर रोहित को हत्यारोपी बताया। पुलिस का तर्क है कि 9:80 लाख रुपया रोहित का नीरज ने लिया था, जिसे वापस नीरज नहीं कर रहा था। इसे लेकर दोनों के बीच में मोबाइल पर कई बार गाली गलौच भी हुआ था, जिसकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसी तर्क के आधार पर पुलिस ने रोहित को हत्यारोपी पाया और जेल भेज दिया। इसके बाद से ही रोहित की मां गीता वर्मा और कॉलोनी वासी पुलिस के खिलाफ आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में बिना साक्ष्य के ही बेगुनाह रोहित को जेल भेजा है। इसका आधार सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों के बयान है। शनिवार को रोहित के अधिवक्ता की अगुवाई में 11 लोगों ने रोहित को बेगुनाह बताते हुए आईजी दफ्तर में शपथ पत्र दिया। आईजी के न होने पर एडिशनल एसपी ने शपथ पत्र रिसीव किया है।
विज्ञापन

....
पुलिस इस आधार पर रोहित को बता रही आरोपी
- रोहित की मां के दिए गए फुटेज में तस्वीर साफ नहीं
- घटना के समय और फुटेज के बीच में 40 मिनट का अंतर है, इतने देर में आसानी से घटनास्थल पहुंचा जा सकता है
- रोहित के घर की ओर जाने के बाद से सीसीटीवी कैमरा बंद हो जाना
- रोहित की गली से बाहर निकलने का भी रास्ता है, जहां पर कैमरा नहीं है
- नीरज के मोबाइल में करीब दो महीने की रिकॉर्डिंग में जानमाल की धमकी देना
- मौके पर ताबड़तोड़ छह गोली चलाना यह साबित करता है कि गोली शूटर ने नहीं मारी
- पिता को कैंसर होने की वजह से रुपये की रोहित को जरूरत थी
- डीएम, एसएसपी दफ्तर पहुंचकर आवेश में ही सही जान से मारने की धमकी देना
- चली गोली और पिस्टल के कोने पर रगड़ का निशाना होना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें