गोरखपुर। मंडलीय कारागार में बंद यूक्रेन की डारिया मोलचन की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। डारिया की तरफ से केरल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों से पैरोकार आए थे लेकिन गोरखपुर पुलिस की दमदार पैरवी की वजह से उसे जमानत नहीं मिल सकी।
पुलिस की तरफ से तर्क दिया गया कि डारिया का पासपोर्ट विदेश मंत्रालय से ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। वीजा भी नहीं था। इसके बावजूद वह भारत आई। नई दिल्ली से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर गोरखपुर सहित भारत के तमाम शहरों में गई। नेपाल जाना और आना भी हुआ। डारिया के मोबाइल फोन से कुछ पुलिस अफसरों की आपत्तिजनक तस्वीरें मिली हैं। इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है। डारिया के पास से जब्त मोबाइल फोन जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट आएगी। इसी आधार पर सेशन कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी। एसपी क्राइम आलोक शर्मा का कहना है कि जमानत अर्जी खारिज हो गई है। जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
एसटीएफ की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की थी
गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरते ही एसटीएफ डारिया के पीछे लग गई थी। इसकी सुगबुगाहट पर ही डारिया ने काली फिल्म लगी शीशे वाली कार तलाशनी शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद भी डारिया ने एसटीएफ की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही डारिया ने कार लिया और उसी में कपड़े भी बदल लिए। एसटीएफ के मुताबिक एयरपोर्ट से बाहर डारिया टॉप-टीशर्ट में आई थी लेकिन कार में जींस और टीशर्ट पहन लिया।