गोरखपुर। डी-2 गैंग के सरगना व पिपरौली से सपा ब्लाक प्रमुख सुधीर सिंह और उसके आठ गुर्गों को पुलिस ने शुक्रवार को अवैध असलहों और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस गैंग के फरार साथियों की तलाश में पुलिस टीम गठित कर दबिश दी जा रही है। रेलवे स्टेशन पर टेंडर के कागजात व एफडीआर जमा करने आए एक शख्स को जान से मारने की धमकी देने के साथ ही सुधीर ने रंगदारी भी मांगी थी। उसपर विवादित जमीन को कब्जा करने के लिए धमकी देने और रंगदारी मांगने का केस दर्ज है। पकड़े गए अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस मजबूत पैरवी करेगी। जब सपा सरकार थी तो सुधीर की तूती बोलती थी। वह सपा नेता शिवपाल सिंह यादव का करीबी बताया जाता है।
पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बृहस्पतिवार को आनंद फर्म के मालिक टेंडर पाने के बाद एफडीआर व कागजात जमा करने आए थे। इस दौरान सुधीर व उसके गुर्गों ने उनके एफडीआर फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी मांगी थी। वादी की सूचना पर पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था। जांच में सुधीर व उसके साथियों का नाम सामने आया। पुलिस उसकी तलाश शुरू की, इसी दौरान एचएन सिंह चौराहे पर वह अवैध असलहों के साथ पकड़ा गया। तलाशी के समय एक भी असलहे का लाइसेंस मौजूद नहीं था। पुलिस ने चार वाहनों को भी जब्त किया है। आठ घंटे के अंदर अपराधियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शाहपुर इंस्पेक्टर मनोज कुमार पाठक, कैंट प्रभारी ब्रजेश सिंह, सीआईयू प्रभारी अनिल उपाध्याय, स्वाट प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह, सर्विलांस सेल गोपाल प्रसाद को एसएसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि इनाम के लिए उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिखा जाएगा।
सुधीर गैंग पर दर्ज हैं 28 मुकदमे
सुधीर गैंग डी-2 पर 28 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शाहपुर, गुलरिहा, कैंट, लखनऊ के विकासनगर, गाजीपुर समेत कई थानों में लूट, हत्या, रंगदारी, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर जैसे मुकदमे शामिल हैं।
टेंडर मैनेज करना, रंगदारी मांगना था काम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुधीर सिंह लंबे समय से टेंडर मैनेज करने और रंगदारी मांगने का काम कर रहा है लेकिन शिकायत न करने और पुलिस की लापरवाही की वजह से वह बच रहा था। एसएसपी ने बताया कि इस बार वादी ने पुलिस और वर्तमान सरकार पर भरोसा कर शिकायत की और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
रेलवे कर्मचारियों का अपराधियों से संबंध, होगी गिरफ्तारी
ई-टेंडर के बाद भी रंगदारी मांगने और टेंडर डालने वालों को धमकी देने की जांच में जुटी पुलिस रेलवे कर्मचारियों को भी मुल्जिम बनाएगी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मनीष श्रीवास्तव व अजय वर्मा टेंडर डालने के लिए आए शख्स का एफडीआर जमा न करके डेढ़ घंटे तक तरह-तरह के कारण बता रहे थे। फिर उन्होंने सुधीर को भी टेंडर जमा करने आए बिहार के शख्स के बारे में जानकारी दी। इसके बाद ही सुधीर ने उसका एफडीआर फाड़ दिया। शिकायत करने वाले ने भी पुलिस को बताया कि उसे यहां पर कोई नहीं पहचानता था, यदि कर्मचारियों ने न बताया होता तो सुधीर जान ही नहीं पाता कि किसे टेंडर मिला है। एसएसपी ने बताया कि दोनों कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जाएगी। अन्य कर्मचारियों के संलिप्त होने की भी आशंका है। उनकी भी जांच कर गिरफ्तारी की जाएगी।
रेलवे जीएम को लिखेंगे पत्र एसएसपी
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कहा कि रेलवे जीएम को भी इस मामले में पत्र लिखा जाएगा कि वह टेंडर की जानकारी पुलिस को भी दें ताकि वहां पर सुरक्षा व्यवस्था कराई जा सके और ऐसे गुंडों, माफिया को घटना होने से पहले ही पकड़ा जा सके। पुलिस पूरी रिपोर्ट जीएम रेलवे को देगी ताकि टेंडर निरस्त हो सके।
प्रतिबंधित छह वायरलेस सेट भी मिले
सुधीर व गुर्गों के पास से पुलिस ने छह प्रतिबंधित वायरलेस सेट (वाकी-टाकी) भी बरामद किया है। इसका इस्तेमाल अपराधी खुद की लोकेशन छिपाने के लिए करते थे। मोबाइल की लोकेशन टॉवर से मिल जाती थी इस वजह से वे वाकी-टाकी का इस्तेमाल करते थे। यह प्रतिबंधित होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए अनुमति लेनी होती है। बिना पुलिस की अनुमति से इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता है। पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज किया है।
रंगदारी गुल्लक भी बरामद
पुलिस ने सुधीर के पास से रंगदारी गुल्लक भी बरामद किया है। उसपर रंगदारी टैक्स लिखा पेपर चस्पा था। पुलिस को शक है कि इसमें रंगदारी वसूलने के हिसाब से सिक्का डाला जाता था और फिर साल में एक बार उसे निकालकर जोड़ा जाता था।
भू-माफिया भी है सुधीर
सुधीर भू माफिया भी है। अभी दस अगस्त को उसने एक व्यापारी को फोन कर जमीन की पंचायत करने की धमकी दी थी। इसके लिए उसने रंगदारी भी मांगी थी। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसएसपी ने बताया कि जमीन से जुड़े कई मामले सामने आ रहे हैं। सभी में पुलिस कार्रवाई करेगी।
इनकी हुई गिरफ्तारी
शाहपुर थाना क्षेत्र के आदर्श नगर निवासी सुधीर सिंह, आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के लाटघाट निवासी वीरेंद्र यादव, मऊ, कोपागंज थाना के मृगमांस निवासी हरेंद्र राय, देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र के जगरनाथपुर निवासी उदयभान पाल, महराजगंज, बृजमनगंज थाना क्षेत्र के लेहड़ा निवासी मोहन विश्वकर्मा, सिकरीगंज थाना क्षेत्र के इसरौली निवासी धीरेंद्र सिंह, उरूवा थाना क्षेत्र के लौहलपुर निवासी शैलेश तिवारी, तिवारीपुर थाना क्षेत्र के सूरजकुंड निवासी हरिकेश निषाद की गिरफ्तारी हुई है।
ये असलहे हुए बरामद
पांच रायफल, एक तमंचा, एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, एक एसबीबीएल गन, एक चाकू, एक तलवार, 52 कारतूस व चार लग्जरी वाहन।