बेतियाहाता में कमिश्नर आवास के पीछे दवा व्यापारी नीरज रामरायका की हत्या रुपयों के लेनदेन में की गई है। गोरखपुर पुलिस की प्रारंभिक जांच इसी के इर्द-गिर्द घूम रही है। अब तक की जांच में लेनदेन से संबंधित कई विवाद सामने आए हैं। इसी सिलसिले में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्रॉपर्टी विवाद के भी कुछ मामले खंगाले जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार की देर रात दवा व्यापारी नीरज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ताबड़तोड़ फायरिंग में दो गोली व्यापारी के सीने और सिर में जा धंसी थी। सीएम सिटी और वह भी वीवीआईपी इलाके में एक और व्यापारी की हत्या ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े दिए थे। इसी वजह से पुलिस ने मामले को चुनौतीपूर्ण माना और घटना के बाद से ही ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। शुक्रवार को कुछ टीमें नेपाल और आसपास के जिलों में भी भेजी गईं। जांच में क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। पुलिस ने बेतियाहाता क्षेत्र के मोबाइल टॉवर से कई मोबाइल नंबरों के लोकेशन निकाले हैं। सर्विलांस पर डालकर इन नंबरों की मॉनीटरिंग की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दवा व्यापारी ब्याज पर रुपयों का लेन-देन करते थे। इस मामले में कई बार विवाद भी हुए हैं। मृत व्यापारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा तक दर्ज हुआ था। एक बार जेल भी गए थे। अब इन्हीं मामलों को पुलिस खंगाल रही है। उसका दावा है कि मामले का पर्दाफाश जल्द कर दिया जाएगा। पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं।
सीएम ने परिवार से की बात, अफसरों को फटकारा
दवा व्यापारी की हत्या की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश महामंत्री पीके मल्ल को पीड़ित परिवार के पास भेजा। पीके मल्ल के मोबाइल फोन पर ही मृतक नीरज के भाई दीपक से बात कर सीएम ने दु:ख जताया। करीब दो मिनट की बातचीत में सीएम ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि हत्यारा बचेगा नहीं, कानून अपना काम कर रहा है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि सीएम ने पुलिस के आला अफसरों को फोन कर कड़ी फटकार लगाई है और मामले का पर्दाफाश जल्द करने का आदेश दिया है। इसी का नतीजा है कि प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी दफ्तर से पुलिसिया छानबीन की पल-पल की अपडेट ली जा रही है। जांच में आईजी मोहित अग्रवाल खुद लगे हैं। एसएसपी आरपी पांडेय ने भी कैंट थाने पहुंचकर संदिग्धों से पूछताछ की है।
प्रोफेशनल शूटर ने मारी गोली
व्यापारी नीरज को 32 बोरी की गोली मारी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि व्यापारी की मौत सिर में लगी गोली से हुई है। एक गोली सीने में भी लगी है। गोली लगने के कुछ मिनटों बाद ही व्यापारी की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि गोली किसी प्रोफेशनल शूटर ने मारी है। पुलिस अब बलिया, बिहार और आसपास के जिलों के प्रोफेशनल शूटर की तलाश में लगी है।
क्राइम ब्रांच भी लगी
कैंट पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को भी हत्याकांड के खुलासे के लिए लगाया गया है। क्राइम ब्रांच भी लेनदेन के पहलू पर ही जांच कर रही है। परिवार और दुकान कर्मचारियों से वार्ता के बाद एक बात साफ हो चुकी है कि व्यापारी की हत्या लूट के नीयत से नहीं की गई है। क्योंकि वह कैश लेकर आते-जाते नहीं थे।
गली में नहीं लगे थे सीसीटीवी कैमरे
व्यापारी नीरज के घर वाली गली में एक भी सीसीटीवी टीवी कैमरे नहीं है। राजेश मैरिज हॉल के आसपास से भी कैमरा बरामद नहीं हो सका। ऐसे में बदमाश की सटीक पहचान पुलिस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती थी। हालांकि पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे और बेतियाहाता के अन्य क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उसे भरोसा है कि किसी ने किसी कैमरे में बदमाश दिखेंगे जरूर।
मोबाइल रिकॉर्ड से पुलिस को बड़ी उम्मीद
पुलिस नीरज के मोबाइल फोन का सीडीआर निकाल रही है। पुलिस को इससे सुराग मिलने की बड़ी उम्मीद है। पुलिस आखिरी कॉल के हिसाब से भी जांच कर रही है। उस दिन किस-किस से और कितने देर बात हुई थी।
पत्नी के सदमे से उबरने का इंतजार
गोली लगने के बाद नीरज की पत्नी पूनम को मौत की जानकारी नहीं थी। तब उन्होंने पुलिस को बताया था कि 15 दिन पहले धमकी मिली थी। लेकिन पूनम ने यह नहीं बताया कि फोन किसका आया था, जबकि पुलिस का मानना है कि वह सब कुछ जान रहीं हैं। पुलिस अब उनके सदमे से उबरने का इंतजार कर रही है, ताकि पूछताछ की जा सके।