गोरखपुर। जहरीली शराब से किसी की जान गई तो उसका धंधा करने वाले को मृत्युदंड या फिर उम्रकैद की सजा मिलेगी। आबकारी एक्ट में इसका प्रावधान कर दिया गया है। आईजी जयनारायन सिंह ने ऐसे मामलों में इस एक्ट की धारा 60ए के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
कुशीनगर सहित प्रदेश के कुछ जिलों में जहरीली शराब से मौतों के बाद कड़े कदम उठाए गए हैं। अब आबकारी एक्ट में बदलाव कर दिया गया है। आईजी ने जयनारायन सिंह के मुताबिक पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने एक्ट में बदलाव से संबंधित सर्कुलर भेजा है। उसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। जिले के राजघाट, खोराबार, गुलरिहा, बेलीपार, कैंपियरगंज, बेलघाट, खजनी और तिवारीपुर क्षेत्र में कच्ची शराब का धंधा जोरों पर होता है। कई बार शराब घातक भी साबित होती है। नए एक्ट के मुताबिक कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल द्रव्य के जानलेवा होने पर आरोपी को मृत्युदंड देने का प्रावधान किया गया है। यदि शराब में कोई ऐसा द्रव्य मिला, जिससे मानव शरीर को नुकसान हो सकता तो आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है। आबकारी एक्ट की धारा 62, 63, 64, 65, 66, 67, 68 और 69 में भी दंड का प्रावधान बढ़ाया गया है। आईजी ने कहा कि पुलिस अफसर जल्द ही आबकारी विभाग से समन्वय बनाकर कार्रवाई कराएंगे।
संरक्षण देने वालों को भी सजा
अब जहरीली शराब बेचने के आरोपी को संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। संरक्षण देने वालों को पुलिस आरोपी बनाएगी।
अभी तत्काल जमानत का प्रावधान
पुलिस हो या आबकारी विभाग के अधिकारी, कच्ची शराब पकड़े जाने के बाद जांच पर जोर नहीं देते हैं। इसके पीछे की बड़ी वजह आबकारी एक्ट का कमजोर होना बताया गया था। अभी तक धारा 60 में मुकदमा दर्ज होता था। इसमें थाने से भी जमानत का प्रावधान है। मामला कोर्ट में भी नहीं टिक पाता है।
जहरीली शराब से हो चुकी हैं मौतें
गोरखपुर जोन में भी कच्ची शराब से मौत हो चुकी है। आठ फरवरी 2019 को कुशीनगर में कच्ची शराब से 11 जानें गई थीं। कई अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। चार साल पहले गोरखपुर में भी कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी। गुलरिहा इलाके में छह लोगों ने दम तोड़ा था।