बेलीपार(गोरखपुर)। रेलवे ग्रुप डी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में एक बार फिर साल्वर पकड़ा गया है। नौसढ़ स्थित स्वास्तिक परीक्षा केंद्र पर रेलवे की जांच टीम ने बिहार के रहने वाले साल्वर को गिरफ्तार कर लिया। वह बिहार के ही एक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में बैठा था। टीम ने उसे नौसड़ चौकी की पुलिस को सौंप दिया है। वह परीक्षा केंद्र के अंदर तक कैसे पहुंचा, परीक्षा के बदले उसे कितने रुपये मिलने थे आदि सवालों का जवाब पुलिस उससे हासिल कर रही है।
टीसीएस कंपनी रेलवे ग्रुप डी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा करा रही है। कंपनी ने नौसड़ के स्वास्तिक सेंटर को अपना एक परीक्षा केंद्र बनाया है। मंगलवार को आयोजित परीक्षा में बिहार जहानाबाद के तनौरा बेल्दारीचक निवासी अभ्यर्थी दिनेश कुमार पुत्र श्याम चौहान की जगह बिहार नालंदा के पावा निवासी राजीव कुमार पुत्र विनेश सिंह परीक्षा में बैठा था। रेलवे ने परीक्षा की सुचिता की जांच के लिए अपनी एक टीम बनाई है। टीम में शामिल पीके सिंह, राजेश नायक, गनेश शुक्ला, विकास और मोहम्मद अनीस की टीम ने सेंटर पर पहुंच कर जांच की। इसी दौरान उन्हें राजीव कुमार की गतिविधि संदिग्ध लगी। जांच में दूसरे की जगह परीक्षा देने का खुलासा हुआ।
कक्ष निरीक्षक ने दी थी रकम की लालच
जांच टीम की पूछताछ में राजीव कुमार ने बताया कि वह नालंदा से गोरखपुर आया था। परीक्षा केंद्र के बाहर उसे एक कक्ष निरीक्षक मिले। उन्होंने कहा कि उसे 5500 रुपये मिलेंगे। उसे बस एक युवक की जगह परीक्षा देनी है। परीक्षा में अंदर तक वह उसे पहुंचा देंगे। वह लालच में आ गया। टीम ने पूछताछ के बाद राजीव को पुलिस को सौंप दिया।
असली की बायोमेट्रिक हुई, नकली घुसा अंदर
परीक्षा कक्ष तक पहुंचने से पहले सभी अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक कराई जाती है। असली अभ्यर्थी दिनेश कुमार की बायोमेट्रिक हुई और नकली अभ्यर्थी राजीव कुमार अंदर घुस गया। जिस तरह से वह अंदर गया उससे यह माना जा रहा है कि सेंटर पर बिना किसी मिली भगत के यह संभव नहीं है।
पहले भी इस केंद्र से पकड़े जा चुके हैं मुन्नाभाई
यह पहला मामला नहीं है जब नौसड़ के इस परीक्षा केंद्र पर मुन्नाभाई पकड़े गए हैं। इससे पहले भी तीन बार यहां से नकल करते लोग पकड़े जा चुके हैं। 14 सितंबर 2018 को यूपीपीसीएल की सहायक समीक्षा अधिकारी की सीधी भर्ती परीक्षा में इसी केंद्र से दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे चार युवकों अलमास, रोशन कुमार, राजीव कुमार यादव और दिलीप कुमार वर्मा को पकड़ा गया था। उस बार भी दोनों अभ्यर्थी कक्ष निरीक्षक बने थे। इसके अलावा 21 सितंबर 2018 को स्वास्तिक केंद्र और पिपराइच के एक ऑनलाइन केंद्र से रेलवे ग्रुप डी परीक्षा में अभ्यर्थी अमित, साल्वर अभिषेक, रोहित, राजीव, पंकज और विशाल पकड़े गए थे। 15 सितंबर 2017 को इस केंद्र से दरोगा के प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे अभिषक रंजन, अभ्यर्थी रमेश प्रसाद और मास्टर माइंड डॉ अवधेश को गिरफ्तार किया गया था।