गोरखपुर।
सीएम के करीबी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिव शंकर शाही से रंगदारी मांगने की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि शहर के एक और डॉक्टर डॉ. शशिकांत दीक्षित से रंगदारी मांग ली गई। इस बार रंगदारी चिट्ठी से मांगी गई है। चिट्ठी बदायूं जिला जेल से आई है। 20 लाख रुपये की रंगदारी न मिलने पर डॉक्टर को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। चिट्ठी हत्या और लूट के कई मामलों को लेकर जेल में बंद चंदन सिंह के नाम से आई है। मामले में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, लगातार रंगदारी मांगे जाने से चिंतित डॉक्टर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मीटिंग की। इसके साथ ही डीएम को ज्ञापन देकर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग रखी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले इस तरह की घटना से डॉक्टर दहशतजदा हैं। सीएम आठ अप्रैल को गोरखपुर आ रहे हैं।
मोहद्दीपुर में डॉ. शशिकांत दीक्षित का टाइमियर नाम से हॉस्पिटल है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब ढाई बजे डॉ. शशिकांत को रजिस्ट्री से एक चिट्ठी मिली। उन्होंने चिट्ठी खोली तो होश उड़ गए। बदायूं जेल से आई चिट्ठी के माध्यम से रंगदारी मांगी गई। कहा गया कि जेल में 20 लाख रुपये पहुंचा दें। ऐसा नहीं हुआ तो जान से मार देंगे। चिट्ठी में कुख्यात चंदन सिंह का नाम लिखा है। गत बुधवार को वह पेशी पर बदायूं जेल से गोरखपुर आया था। माना जा रहा है कि गोरखपुर आने के बाद ही चंदन ने अपने गुर्गों की मदद से रंगदारी की चिट्ठी भिजवायी है। सिविल कोर्ट गोरखपुर के डाकघर से रजिस्ट्री पत्र पर भेजने वाले का पता सोनू सिंह आवास विकास कालोनी, बदायूं लिखा है। पुलिस की छानबीन में यह पता फर्जी निकला है। सीएम सिटी में लगातार रंगदारी मांगे जाने से चिकित्सक दहशतजदा हैं। बहरहाल, इस घटना ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। पुलिस ने डॉ. शशिकांत की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पहले लौटा दिया था पत्र
डॉक्टर ने पुलिस को बताया है कि इसके पहले भी रजिस्ट्री से पत्र आया था लेकिन तब उन्होंने डाकिया से पत्र नहीं लिया था। प्रेषक में तब भी चंदन सिंह बदायूं जेल लिखा था। दोबारा पत्र आने के बाद डॉक्टर ने गंभीरता से लिया और पुलिस में शिकायत की।
चिकित्सक से रंगदारी मांगे जाने से संबंधित चिट्ठी की जांच की जा रही है। इस पर प्रेषक का नाम चंदन सिंह लिखा है। वह बदायूं जेल में बंद है। वह हत्या, लूट और रंगदारी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। अब चिट्ठी की चंदन की हैंड राइटिंग से मिलान कराई जाएगी। चिकित्सक को सुरक्षा दी जाएगी।
- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, एसपी साउथ
चिकित्सकों को धमकाने का सिलसिला जारी है। इससे चिकित्सक परेशान और चिंतित हैं। इसी सिलसिले में मीटिंग करके सीएम योगी आदित्यनाथ को पूरी जानकारी देने का फैसला किया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
- डॉ. बीबी गुप्ता, अध्यक्ष, आईएमए गोरखपुर