गोरखपुर।
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के मैच में सट्टा लगाने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने दबोच लिया। गिरफ्तार युवक के पास से 3.44 लाख रुपये, चेक, मोबाइल और ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला है कि उससे कृष्णा यादव सट्टेबाजी कराता है। मैच के हिसाब से रुपये की बोली कानपुर से तय होती है। एसटीएफ की टीम कानपुर के शातिर की भी तलाश कर रही है।
एसटीएफ निरीक्षक अशोक कुमार सिंह को मुखबिर से सट्टे की जानकारी मिली थी। इसके बाद एसटीएफ की टीम पुर्दिलपुर निवासी कृष्णा यादव के घर सर्च वारंट लेकर पहुंची। वहां कृष्णा का भतीजा अजय यादव मिला। वह उस समय भारत और बांग्लादेश के मैच में सट्टा लगा रहा था। टीम को मौके से नकदी, मोबाइल, इंटरनेट चलाने के उपकरण मिले। पूछताछ में अजय ने बताया कि उसके चाचा तीन-चार सालों से क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगा रहे हैं। कानपुर नगर के अनीस के जरिए सट्टे की रकम तय होती है। भारत और बांग्लादेश के मैच का भाव 18-23 का था। यानी भारत के जीतने पर सट्टा लगाने वाले को दस हजार रुपये का 1800 अतिरिक्त मिलता और यदि बांग्लादेश की टीम जीतती तो सट्टा लगाने वाले को 23 हजार पर दस हजार रुपये अतिरिक्त मिलते। टीम ने मौके से गिरवी के तौर पर रखे गए चेक भी बरामद किए। आरोपी को कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो भारत और पाकिस्तान के फाइनल मुकाबले पर सट्टा लगाने वालों की भी तलाश चल रही है।
इनसेट
ये हुई बरामदगी
3 लाख 44 हजार 150 रुपये, 14 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टीवी सेट, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, दो पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, विभिन्न बैंकों के 36 चेक, 17 ब्लैंक चेक।