फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गनर की कार्बाइन बरामद, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
संशोधित - खबर संपादित कर छोटी की गई है।
विज्ञापन

गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी के ध्यानार्थ
:::::::::::::::::::::::::::

फोटो
गनर की कारबाइन बरामद, एक गिरफ्तार
- कोल्ड ड्रिंक में नशे की छह गोलियां मिलाकर सिपाही से की थी लूट
- बेचने की फिराक में था पकड़ा गया आरोपी, अभी सरगना सहित कई फरार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्व मंत्री और बलिया के पूर्व विधायक अंबिका चौधरी के गनर दुर्गेश यादव की कारबाइन गोरखपुर एसटीएफ ने गुरुवार को कार्मल रोड पर कार से बरामद कर ली। कारबाइन के साथ जहरखुरानी क र लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्य आजमगढ़ के बनकपुरा निवासी दिनेश निषाद को गिरफ्तार किया गया है। वह कारबाइन बेचने के इरादे से गोरखपुर आया था। उसके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में नामजद सरगना सहित कई आरोपी अभी फरार हैं।
बड़हलगंज के खड़खड़ी खुर्द निवासी सिपाही दुर्गेश यादव तीन अप्रैल 2019 को लखनऊ से घर आ रहे थे। नौसड़ के पास बस से उतरकर एक निजी कार से बड़हलगंज के लिए निकले। बाद में गगहा के दीघा गांव के पास बेहोशी की हालत में मिले। उनकी कारबाइन और बैग गायब था। मामला गंभीर होने पर गोरखपुर एसटीएफ ने जांच शुरू की। छानबीन में जहखुरानी की बात सामने आई। पुख्ता सूचना के आधार पर एसटीएफ ने गुरुवार को दिनेश को गिरफ्तार किया। दिनेश पूछताछ हुई तो लूट का पर्दाफाश होने के साथ कारबाइन भी बरामद हो गई। इसके बाद दिनेश को कोर्ट से जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


गैंग का सरगना है हनुमान प्रसाद
जहरखुरानी गिरोह के सदस्य आजमगढ़ के अहरौला, शंभूपुर, डाही, मुखलिसपुर, बसही और बनकपुरा के रहने वाले हैं। एसटीएफ के मुताबिक गिरोह का सरगना हनुमान प्रसाद है। उसका बेटा अंकित भी गिरोह का सदस्य है। घटनाओं को अंजाम देने के लिए कार और दूसरी चीजें तीरथ निषाद मुहैया कराता है। एसटीएफ के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने गोरखपुर के अलावा आजमगढ़, जौनपुर, अंबेडकरनगर, संतकबीर नगर और फैजाबाद में जहरखुरानी कर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।

वारदात में अंकित भी था शामिल
एसटीएफ ने बताया कि दुर्गेश से जहरखुरानी अंकित, उसके बहनोई और दिनेश ने ही की थी। दुर्गेश जब नौसड़ चौराहे पर सवारी वाहन की तलाश में थे तो अंकित ने ही उन्हें बड़हलगंज ले जाने की पेशकश की। दुर्गेश उनके साथ चल दिए। दिनेश ने बाघागाड़ा के पास कार रोकी। अंकित ने सभी के लिए कोल्डड्रिंक खरीदी और दुर्गेश की कोल्डड्रिंक में नशे की गोलियां मिला कर दे दीं। उनके अचेत होने पर गगहा के पास सड़क के किनारे फेंक दिया और नौसड़ लौट आए। अंकित ने अपने बहनोई को दुर्गेश की कारबाइन और बैग देकर रोडवेज बस में बैठा दिया।

19 मार्च को भी की थी लूटपाट
दिनेश ने बताया कि अंकित के साथ मिलकर 19 मार्च को नौसड़ से ही एक व्यक्ति को लूटा था। उसे भी कोल्डड्रिंक में नशे की गोली दी गई थी। मार्च, अप्रैल में ही जौनपुर के शाहगंज, अंबेडकरनगर में भी जहरखुरानी कर लूट की बात कबूली।

नशे की 160 गोलियां बरामद
एसटीएफ ने घटना में प्रयुक्त कार, जहरखुरानी में प्रयोग कोल्डड्रिंक की बोतल, नशे की 160 गोलियां, सोने की चेन, मोबाइल फोन और 1240 रुपये भी बरामद किए हैं।


------------------------------
...तो निर्दोष सिपाही को भेज दिया जेल
- एसटीएफ के पर्दाफाश के बाद गोरखपुर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कारबाइन लूट के पर्दाफाश से गोरखपुर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। एसटीएफ की जांच में गनर दुर्गेश की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली है। ऐसे में दुर्गेश को जेल भेजे जाने पर प्रश्न उठने लगे हैं।
कारबाइन गायब होने के बाद पुलिस ने बिना छानबीन गनर की भूमिका संदिग्ध मान ली थी। छह अप्रैल को लापरवाही और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर सिपाही को जेल भी भेज दिया गया। दुर्गेश अब भी जेल में है। अब एसटीएफ ने मामले का पर्दाफाश कर दिया है। पूरे मामले में जहरखुरानी गिरोह की भूमिका मिली है। सिपाही की भूमिका पर सवाल नहीं उठाए गए हैं। एसटीएफ ने कहा कि गिरफ्तार दिनेश और उसके सहयोगी खतरनाक जहरखुरान हैं। कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
विज्ञापन


कोट:::
प्रथम दृष्टया सिपाही की लापरवाही सामने आई थी। वह छुट्टी के बगैर कारबाइन लेकर गोरखपुर आए थे। इस वजह से कानूनी कार्रवाई की गई थी। एसटीएफ से जानकारी ली जाएगी, फिर मुकदमे से धोखाधड़ी की धारा हटा दी जाएगी।
- डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें