गोरखपुर। बांसगांव में ग्रामीणों के हत्थे चढ़े दोनों बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने बांसगांव, गगहा ग्राहक सेवा केंद्र से लूट के अलावा जिले में हुई अन्य छह अन्य घटनाओं के पर्दाफाश का दावा किया। बताया गया कि तिवारीपुर में आठ लाख 87 हजार रुपये, बुजुर्ग महिला से चेन लूट, मोबाइल लूट और बहराइच रोड से बाइक लूट इन्हीं दोनों ने की थी। हालांकि बदमाशों के पास से महज 59 हजार रुपये की बरामदगी ही हुई है।
घटना में इस्तेमाल बाइक और दो पिस्टल भी बरामद की गई है। बदमाशों ने गगहा में 37 हजार और बांसगांव इलाके में 22 हजार 616 रुपये ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों से लूटे थे। बांसगांव केंद्र संचालक को गोली भी मार दी थी। ग्रामीणों ने भागते समय बदमाशों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
बदमाशों ने इन घटनाओं में संलिप्तता कबूली
पुलिस का दावा है कि आरोपी गगहा के भलुवान निवासी विजय और सहारनपुर के हाशिमपुरा निवासी हरीश ने पूछताछ में कौड़ीराम रोड पर बुजुर्ग महिला से चेन लूट, 11 नवंबर को गोला में पंकज सिंह के साथ छह हजार और दो मोबाइल लूट, 30 नवंबर को तिवारीपुर में बिजली कर्मी से लूट, 7 दिसंबर को बाराबंकी-बहराइच रोड से बाइक लूट, 12 दिसंबर को जगदीशुपर में महिला से चेन लूट, 27 दिसंबर को जीतपुर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से 82 हजार रुपये लूट की घटना भी कबूल की है।
तिवारीपुर में हुई लाखों की लूट के ब्योरे पर चुप्पी
आमतौर पर चोरी का पर्दाफाश होने पर भी मीडिया से सामने आने वाली पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी खामोशी से पकड़े गए बदमाशों को जेल भेज दिया। कई घटनाओं के पर्दाफाश का दावा किया लेकिन रकम का ब्योरा नहीं दिया। जीतपुर लूट की रकम में से 40 हजार की पिस्टल और छह हजार लूट के बंटवारे की बात कही गई। मगर तिवारीपुर में 8.87 लाख समेत कई अन्य लूट की रकम का कोई ब्योरा नहीं दिया गया।
जिले में तीन महीने से सक्रिय थे
बांसगांव में पकड़े गए लुटेरे जिले में तीन महीने से सक्रिय थे। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद ये होटल में ठहरते थे। पुलिस के मुताबिक दोनों की दोस्ती देहरादून जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी।