गोरखपुर। क्राइम ब्रांच और बेलीपार पुलिस टीम ने सोमवार सुबह बरडाड़ के पास शराब की तस्करी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मौका देखकर गैंग का सरगना इनामी संतोष जायसवाल फरार हो गया। संतोष अपने मित्र की पत्नी की हत्या के मामले में सहअभियुक्त भी है। उसपर 9 अगस्त को एसससपी शलभ माथुर ने 15 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 537 बोतल हरियाणा निर्मित शराब, एक पिकअप, 2990 रैपर देशी ब्रांड, एक बंडल बारकोड बरामद किया है।
पुलिस लाइंस में गिरफ्तारी का पर्दाफाश करते हुए एसपी क्राइम अशोक कुमार शर्मा और सीओ क्राइम ने बताया कि सोमवार को स्वॉट टीम के दरोगा धीरेंद्र राय और उनकी टीम को सूचना मिली की सफेद रंग की पिकअप से शराब लाद कर बिहार ले जाया जा रहा है, और उस गाड़ी पर इनामी संतोष भी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने बेलीपार पुलिस को साथ लेेकर बरडाड़ के पास पिकअप रोकी तो उसमे सवार गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पीछा कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि इनामी संतोष भाग गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान बेलीपार के भिलौरा निवासी रामनयन मिश्रा, सीवान बिहार के गोेसाई छपरा निवासी उदय सिंह, महुवारी निवासी अजय कुमार राय, झंगहा के जयराम कोल निवासी कमलेश चौहान और अंबेडकर नगर के आलापुर थाने के अमोला बुजुर्ग निवासी दिलीप पाठक के रूप में हुई है।
एसपी क्राइम ने बताया कि संतोष जायसवाल राजघाट निवासी महिला पूनम साहनी की हत्या मामले में भी वांछित है। जांच में पता चला था कि पति विनय ने अनैतिक संबंध के शक में दोस्तों के साथ मिलकर पूनम की हत्या की थी। विनय जेल में हैं, लेकिन संतोष फरार चल रहा है। पुलिस के अनुसार इसी के कार का इस्तेमाल लाश को ठिकाने लगाने के लिए किया गया था।