गोरखपुर।
शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर खोराबार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले देवरिया में भी पीड़ित ने केस दर्ज कराया था फिर जालसाज ने नियुक्ति पत्र देने के नाम पर छह लाख रुपये वसूले थे।
देवरिया, सलेमपुर के डुमवलिया निवासी विधान त्रिपाठी खोराबार जंगल सिकरी में रहते हैं। विधान के मुताबिक वर्ष 2014 में लार, मजिराव के उदार शर्मा से मुलाकात हुई थी। उदार ने उनकी मुलाकात माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग में तैनात बशीर अहमद, लालजी सिंह और राजेश श्रीवास्तव से कराया था। इसके बाद ही शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया गया। उनके झांसे में आकर विधान ने अपने परिचित लार के धंधवार निवासी राजेश तिवारी, सलेमपुर के इनरहा निवासी गोविंद मिश्रा, भटनी के देवघाट निवासी अरुण मिश्रा से 19 लाख रुपये ले लिए। सभी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। कई दिन बाद भी नौकरी न मिलने पर पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत की थी। तब देवरिया कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया। इसकी जानकारी होने पर बशीर अहमद, लालजी सिंह व राजेश श्रीवास्तव नौकरी दिलाने का भरोसा देते हुए समझौता करने का दबाव बनाने लगे। कुछ दिन बाद आरोपियों ने सभी को नियुक्ति पत्र देने के साथ ही छह लाख रुपये और ले लिए। विधान का आरोप है कि नियुक्ति पत्र लेकर जब वह डीआईओएस ऑफिस पहुंचे तो उन्हें नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद ही पीड़ितों ने खोराबार थाने में केस दर्ज करा दिया।