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वसूलीबाज सिपाहियों पर भ्रष्टाचार का केस

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गोरखपुर।
शहर के एंट्री प्वाइंट पर ट्रक चालकों से वसूली करने वाले सिपाहियों के खिलाफ राजघाट थाने में भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराया गया है। सीएम सिटी में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का यह पहला मामला है। इसमें अज्ञात सिपाहियों को आरोपी बनाया गया है। पूरे मामले की जांच सीओ कोतवाली अभिषेक सिंह को मिली है। विवेचना में वसूलीबाज सिपाहियों के नाम उजागर किए जाएंगे। सिपाहियों पर मुकदमे से हड़कंप मचा है। इससे पहले वसूलीबाज सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया था।
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एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा ने 18 जून को बाइक से शहर की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया था। इसी दौरान ट्रक से वसूली का मामला सामने आया था। बंगलूरू कर्नाटक से फलमंडी गोरखपुर ट्रक से माल ला रहे विद्यारनपुर निवासी सैय्यद अंजुम से नौसड़ पुलिस चौकी के पास 650 रुपये वसूले गए, फिर ट्रक को नो एंट्री में एंट्री दे दी गई। इसी ट्रक चालक से ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी और फलमंडी पुलिस चौकी के पास भी वसूली गई। बताया जाता है कि यह मामला एसपी ट्रैफिक और उनके ड्राइवर ने खुद देखा था। इस संबंध में एसपी ने ट्रक चालक का बयान भी दर्ज किया था। एसपी ट्रैफिक की सख्ती के बाद ट्रक चालक ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर भी दी थी लेकिन पुलिस ने मामला टाल दिया। जांच और कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई। एसपी ट्रैफिक ने पूरे मामले का दोबारा संज्ञान लिया तो पुलिस की मिलीभगत सामने आई। इस पर एसपी ट्रैफिक ने चालक से तहरीर दिलवाकर राजघाट थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का निर्देश दिया। पूरे मामले की जानकारी आईजी, डीआईजी और एसएसपी तक पहुंची तो राजघाट पुलिस ने अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीओ की जांच-पड़ताल में नौसड़, फलमंडी और ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के ज्यादातर सिपाहियों की गर्दन फंसेगी। सीएम सिटी में सिपाहियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से अवैध वसूली पर अंकुश लगेगा।
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