परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की विषयवार परीक्षा के पहले ही दिन नकल के कई मामले सामने आये। सचल दस्ते ने एक महाविद्यालय में एक शिक्षक को इमला बोल कर नकल कराते रंगे हाथों पकड़ लिया और उनके खिलाफ डीबार की कार्रवाई कर दी। दस्ते ने दो मंडलों के बीच तीन महाविद्यालयों के खिलाफ मास कॉपी की रिपोर्ट भी की है। इस दौरान 12 नकलची भी पकड़े गये, जिनके खिलाफ रस्टीकेशन की कार्रवाई की गई है।
केंद्रीय सचल दस्ते के समन्वयक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि सहजनवां क्षेत्र के दो और कुशीनगर जिले के एक महाविद्यालय में सचल दस्तों को सभी परीक्षार्थियों की कॉपियां एक सी लगीं, इसे देखते हुए दस्ते के सदस्यों ने तीनों के खिलाफ मास कॉपी की रिपोर्ट कर दी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से 12 नकलचियों के पकड़े जाने की सूचना मिली है, जिनमें दो कुशीनगर के, दो सहजनवां के, तीन देवरिया के और दो महाराजगंज के परीक्षार्थी शामिल हैं।
तीन विद्यार्थियों के कॉलेज की सूचना अभी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि इमला बोल कर नकल कराने वाले शिक्षक को डीबार कर दिया गया है। अब वे कक्ष निरीक्षक का कार्य नहीं कर सकेंगे। इसे लेकर केंद्राध्यक्ष को चेतावनी भी दी गई है।
बुकलेट घर ले जा सकेंगे परीक्षार्थी
शनिवार से बीए प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। छह विषयों की परीक्षाओं के पहले प्रश्नपत्र वैकल्पिक होंगे, इनमें राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, प्राचीन इतिहास, इतिहास, शिक्षा शास्त्र व गृह विज्ञान विषय शामिल हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वैकल्पिक प्रश्नपत्र की शुरुआत पिछले सत्र से हुई है। पिछले सत्र में केवल बीए प्रथम वर्ष के छह विषयों के पहले प्रश्नपत्र की वैकल्पिक परीक्षाएं ली गई थीं, लेकिन इस बार वही छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे में द्वितीय वर्ष में पहली बार वैकल्पिक परीक्षाएं होंगी। दोनों परीक्षाओं मेें विद्यार्थी प्रश्नपत्र बुकलेट घर ले जा सकेंगे। विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका यानी ओएमआर सीट ही कक्ष निरीक्षक को जमा करनी होगी।