गोरखपुर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षा के दूसरे दिन सचल दस्ते ने एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ लिया जबकि एक कक्ष निरीक्षक इमला बोलते हुए पाया। सचल दस्ते को देख कक्ष निरीक्षक बल का प्रयोग करते हुए भाग निकला। बाद में सचल दस्ते ने तहरीर देकर फर्जी परीक्षार्थी के खिलाफ खोराबार थाने में जबकि कक्ष निरीक्षक के खिलाफ चौरीचौरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
केंद्रीय सचल दस्ते के समन्वयक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि फर्जी परीक्षार्थी दूसरे छात्र के बदले परीक्षा दे रहा था। सचल दस्ते को देखते ही वह भागने की मुद्रा में आ गया। उसकी संदिग्ध गतिविधि की जब जांच की गई तो पता चला कि वह असल परीक्षार्थी नहीं है। सचल दस्ते ने उसे तत्काल पुलिस को सौंप दिया।
इसी तरह एक कक्ष निरीक्षक को जब इमला बोल कर लिखवाते सचल दस्ते ने पकड़ा तो वह दस्ते के सदस्यों को धक्का देकर भाग निकले। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान पांच कॉलेजों में एक कक्ष के परीक्षार्थियों को एक ही सवाल का जवाब लिखते हुए पाया, जिसके चलते उनके खिलाफ मास कॉपी की रिपोर्ट हुई है। जिस पर निर्णय यूनिवर्सिटी द्वारा गठित समिति करेगी। इनमें दो कॉलेज देवरिया उत्तरी, दो कॉलेज कुशीनगर और एक कॉलेज देवरिया दक्षिणी का है।
इसके अलावा 14 परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते पकड़े गये, जिन्हें परीक्षा केंद्र पर ही रस्टीकेट कर दिया गया। इनमें 10 परीक्षार्थी महाराजगंज के और दो-दो परीक्षार्थी देवरिया उत्तरी व सिद्धार्थनगर के हैं।