गोरखपुर। शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए शहरी विकास मंत्रालय की ओर से 4830.90 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इसकी पहली किस्त 1932.36 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) योजना के तहत मिली सहायता राशि से शहर की पांच लाख से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल का लाभ मिलेगा। यह जानकारी सदर सांसद योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। सदर सांसद की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय, के जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्माल एंड मीडियम टाउन (यूआईडीएसएसएमटी) द्वारा यह धनराशि गोरखपुर को मिली है। महानगर के नथमलपुर, राजेंद्रनगर, शास्त्रीनगर, पुराना गोरखपुर, चरगावां, फतेपुर, जंगल सालिकग्राम सहित एक दर्जन से अधिक मोहल्लों के पांच लाख से अधिक की आबादी को पेयजल की आपूर्ति मिलेगी। परियोजना के तहत 22 ट्यूबवेल, आठ ओवरहेड टैंक बनाए जाने के साथ पेयजल की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने की भी योजना है। पहले चरण में 2009 में इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी जिसके तहत रुस्तमपुर, महादेव झारखंडी, नंदानगर आदि क्षेत्रों में नए ट्यूबेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए थे।