गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी अप्रैल से नए भवन में चलेगी। 10 अप्रैल तक भवन एम्स प्रशासन को मिल जाएगा, फिर आयुष विंग में संचालित ओपीडी शिफ्ट होगी। 15 अप्रैल तक यहां मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। इसी सिलसिले में पांच अप्रैल को एम्स प्रशासन, कार्यदाई संस्था और उत्तर प्रदेश शासन के प्रतिनिधियों के बीच लखनऊ में बैठक होगी।
सात और पंजीकरण काउंटर खुलेंगे
नए भवन में ओपीडी संचालन का सबसे बड़ा फायदा मरीजों और उनके तीमारदारों को मिलेगा। यहां सात नए पंजीकरण काउंटर खोले जाएंगे। जिससे काउंटरों की संख्या 15 हो जाएगी। इससे पंजीकरण की जो प्रक्रिया पांच मिनट में पूरी होती है, वह एक से दो मिनट में पूरी की जा सकेगी। ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था से भी मरीज और उनके तीमारदारों को राहत मिली है।
जल्द मिलेंगी सस्ती दवाएं
एम्स परिसर में ही जल्द ही सस्ती दवाएं मिलने लगेंगी। प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र और अमृत फार्मा का स्टोर खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। अप्रैल अंत तक यह सुविधा शुरू हो जाएगी। प्रशासन के मुताबिक संस्थान के वर्तमान ड्रग स्टोर को ऑनलाइन किया गया है। इसके जरिए एक-एक दवा का हिसाब रखा जा रहा है।
इन विभागों की ओपीडी
मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ईएनटी, आर्थोपेडिक, स्किन, नेत्ररोग विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, प्लास्टिक सर्जरी, मानसिक रोग विभाग और बालरोग विभाग।
आयुष ओपीडी भी जल्द शुरू होगी
आयुष भवन में चल रही सामान्य ओपीडी के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद यहां यूनानी, आयुर्वेद और होम्योपैथिक की ओपीडी शुरू हो जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। एम्स की इमरजेंसी सेवा वर्ष के अंत तक शुरू की जा सकती है। एम्स के सभी भवन अप्रैल 2020 तक बन जाएंगे।
पहले सत्र में 50 छात्र करेंगे एमबीबीएस की पढ़ाई
एम्स गोरखपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई शैक्षिक सत्र 2019-20 से ही शुरू होगी। पहले सत्र में 50 छात्रों का को दाखिला दिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2020-21 से एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 100 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।