गोरखपुर। ‘इश्क तो करता है हर कोई/ महबूब पर मरता है हर कोई/ कभी वतन को महबूब बनाकर देखो/ फिर तुझ पर मरेगा हर कोई।’ इस तरह का इश्क करने वाले अपने शहर में भी कुछ लोग हैं। ये अपने जुनून के चरखे पर देशप्रेम की सूत कातते हैं। इससे बनी डोर में नई पीढ़ी को पिरो रहे हैं। ताकि हमें आजादी दिलाने वाले अमर शहीदों की कुर्बानियों को भुला न दिया जाए। आइए, पाश्चात्य वैलेंटाइन्स डे पर देश और समाज से प्रेम के इस रंग को जानें।
‘अकेला’ हैं, बना रहे कारवां
1993 से हर क्रांतिकारी जयंती और पुण्यतिथि मनाते आ रहे सुभाषचंद्र ‘अकेला’ देशभक्तों का कारवां तैयार कर रहे हैं। उनका शास्त्रीनगर, गोरखनाथ स्थित आवास का हॉल देशप्रेम का मंदिर है। यहां 80 क्रांतिकारियों के दुर्लभ चित्र लगे हैं। जलियांवाला बाग की बरसी से 15 अगस्त तक यहां अखंड दीप जलता है और जन गण मन... गूंजता है। किसी क्रांतिकारी की जयंती या पुण्यतिथि हो, मोहल्ले के बच्चों को बुलाते हैं। उसके संघर्ष की कहानी सुना बच्चों में देशप्रेम के बीज बोते हैं। उनके पास करीब 100 से ज्यादा फाइलों में क्रांतिकारियों का जीवनवृत्त संकलित है।
लहराया 13 किलोमीटर लंबा तिरंगा
हिंदू एकता मंच के रघुवंश हिंदू लंबे समय से जंगे आजादी के नायकों को संवैधानिक रूप से शहीद का दर्जा दिलाने के लिए संघर्षरत हैं। इसके लिए तिरंगा सम्मान यात्रा निकाली। 13 किलोमीटर लंबे और नौ क्विंटल वजन का तिरंगा जब शहर की सड़कों पर मानव शृंखला के जरिए फैलाया गया तब देखने वाले तिरंगे के साथ इसके पीछे छिपे जज्बे को भी सलाम कर रहे थे। इसी अभियान क्रम में वह हस्ताक्षर अभियान भी चला रहे हैं। 11 लाख हस्ताक्षर वाला पत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेजने की तैयारी है। शहीदों के सम्मान के संघर्ष में बड़ी टीम समान जज्बे से उनके साथ है।
2000 बच्चों को ‘गुलामी’ से मुक्ति
मूलरूप से कैंपियरगंज के मूसाबार निवासी आजाद पांडेय गोरखपुर के अलावा ग्वालियर, जबलपुर और पटना में भीख मांगने वाले बच्चों के कल्याण के लिए प्रयासरत हैं। वर्ष 2006 से इसे मिशन बना चुके आजाद गोरखपुर में 2012 से अब तक करीब 2000 बच्चों को कूड़ा बीनने और भीख मांगने जैसी गुलामी से मुक्ति दिला चुके हैं। तीन माह पुराने आंकड़ों के मुताबिक उनकी संस्था 918 बच्चों का पुनर्वास कर रही है। इस साल उन्होंने शहर में मनोरोगियों के पुनर्वास के लिए पहला शेल्टर होम खोला है। इसमें अभी 21 मनोरोगियों का इलाज व देखभाल की जा रही है।