शहर के सुभाष चौक पर व्यापारियों और वकीलों ने प्रदर्शन कर जीएसटी बिल का पुतला जलाया।
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देवरिया। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के प्रावधानों के खिलाफ वकीलों और व्यापारियों ने विरोध जताया। कहा कि अव्यावहारिक कानून और पोर्टल से दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसके खिलाफ बिल का पुतला जला कर गुस्सा जताया। पीएम नरेंद्र मोदी से जीएसटी के प्रावधानों में सुधार की मांग करते हुए विलंब शुल्क को समाप्त करने की भी मांग की गई। वाणिज्य कर से जुड़े अधिवक्ताओं और कारोबारियों की जुटान सोमवार को जिला पंचायत परिसर में हुई। जीएसटी बिल के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद सभी जुलूस की शक्ल में सुभाष चौक पर पहुंचे। यहां पर जीएसटी का पुतला जलाकर नाराजगी जताई। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी को जबरिया थोप दिया गया है। इसके जटिल प्रावधानों के चलते व्यापारियों और वकीलों को कामकाज निपटाने में भारी दिक्कत हो रही है। पोर्टल के जरिए विलंब शुल्क की डिमांड की जा रही है। व्यापारी नेता श्याम सुंदर भगत ने कहा कि विलंब शुल्क के प्रावधान को समाप्त किया जाए। शुल्क जमा करने वाले कारोबारियों की रकम कोकैश लेजर में समायोजित किया जाए। अधिवक्ता कासिम मेंहदी ने कहा कि समाधान के विकल्प को शुरू कराया जाए, ताकि व्यापारियों को सहूलियत मिल सके। अधिवक्ता सत्यदेव पांडेय ने कहा कि एक कारोबार में दो तरह के टैक्स की व्यवस्था को समाप्त की जाए। इस दौरान उपेंद्र मणि त्रिपाठी, विजय प्रसाद, जंग बहादुर सिंह, शशांक शर्मा, सूर्य प्रकाश मिश्र, एएन सिंह, अजय मिश्र, अमरीश अग्रवाल, जयप्रकाश मणि आदि मौजूद रहे।