देवरिया(आसिफ इकबाल )। निकायों में अध्यक्ष पद हासिल करना है तो अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) के वोटर्स को लुभाना होगा। कारण कि 11 निकायों (दो नगर पालिका, नौ नगर पंचायत) में से आठ में ओबीसी की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। हालांकि पांच टाउन एरिया के अध्यक्ष के पद भले ही ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं, लेकिन सभी सीटों पर पिछड़ी जातियां निर्णायक हैं। फिलहाल आठ निकायों में इनकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। जिले में 11 निकाय हैं जिसमें दो नगर पालिका परिषद है जबकि नौ टाउन एरिया है। फिलहाल लार, भटनी और भाटपाररानी अन्य पिछड़ा वर्ग पुरुष जबकि रामपुर कारखाना और बरियारपुर अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। अध्यक्ष पद के अनंतिम आरक्षण पर दावे और आपत्ति दर्ज हो चुकी हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस निकायों में अध्यक्ष पद के लिए रणनीति के तहत काम कर रही हैं। खुले तौर पर निर्णय लेने के बजाए अंदरखाने तैयारी चल रही है। दरअसल पूर्व के चुनाव पर नजर दौड़ाए तो जातिगत आधार पर प्रत्याशी तय करना बेहतर साबित होता रहा है। सूत्रों के अनुसार, दिखावे के लिए कोरम पूर्ति हो रही है। अंदरखाने ओबीसी के प्रमुख नेताओं को तवज्जों दी जा रही है। राजनीतिक दलों का प्रत्याशी बनने के लिए जुगाड़ भी लगा रहे हैं। ताकि जीत में कमी न रह जाए।
निकाय-कुल आबादी-ओबीसी की आबादी-ओबीसी प्रतिशत
रामपुर कारखाना-9943-8129-81.76
बरियारपुर (नवसृजित)-15043-11070-73.59
लार-28307-17230-60.87
भाटपाररानी-14839-8649-58.29
भटनी-15352-8790-57.26
बरहज-36459-19907-54.60
गौरीबाजार-10636-5567-52.34
मझौलीराज-20893-10801-51.70
सलेमपुर-21124-9710-45.97
रुद्रपुर-34014-15039-44.21
देवरिया-129479-53034-40.96
(नोट: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी है जबकि ओबीसी की संख्या रैपिड सर्वे जून-जुलाई 2017 के अनुसार हैं।)