गोरखपुर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने 15 और चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना तैयार की है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत यह काम होना है। जाम शहर की सबसे बड़ी समस्या है। नगर निगम इससे निजात दिलाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। जाम वाले स्थानों को चिह्नित इन स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसके साथ ही अब 15 चौराहों को चिह्नित कर वहां ट्रैफिक लाइट लगाई जाएगी। नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि पीपीपी मोड में इन लाइटों को लगाने के लिए कंपनी के साथ करार किया गया है।
10 साल तक कंपनी मेंटेनेंस भी करेगी
चीफ इंजीनियर ने बताया कि बिल्ड-आपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) बेसिस पर कंपनी के साथ 10 साल का करार किया गया है। यानी कंपनी निर्धारित स्थानों पर ट्रैफिक लाइट, कंट्रोल सिस्टम आदि लगाने के बाद नगर निगम को हैंडओवर करेगी। इसके बाद चार्ज ट्रैफिक विभाग को दे दिया जाएगा। कंपनी को ट्रैफिक लाइट वाले स्थानों पर विज्ञापन लगाने का स्थान मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए कंपनी को नगर निगम को निर्धारित वार्षिक रेंट देना होगा।
इन स्थानों पर लगाई जाएंगी ट्रैफिक लाइट
पादरी बाजार, खजांची चौराहा, अमर उजाला चौराहा, बरगदवा चौराहा, कैप्टन गौतम गुरुंग कूड़ाघाट चौराहा, फिराक गोरखपुरी चौराहा, पैडलेगंज चौराहा, शास्त्री चौराहा, अग्रसेन चौराहा (एडी स्कूल के पास), विजय चौराहा और छात्रसंघ चौराहा। इसके अलावा चार अन्य चौराहों का चयन अभी किया जाना है।
अभी यहां हैं ट्रैफिक लाइट
शहर में फिलहाल 11 स्थानों पर ट्रैफिक लाइट लगी हुई है। इनमें यूनिवर्सिटी चौराहा, काली मंदिर चौराहा, गणेश चौराहा, मोहद्दीपुर चौराहा, रुस्तमपुर चौराहा, ट्रांसपोर्टनगर चौराहा, नौसड़ चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, असुरन चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा आदि शािमल है।