गोरखपुर। राप्ती, आमी और रामगढ़ताल को प्रदूषण से बचाने के लिए आधी-अधूरी तैयारी के साथ गुरुवार को आधा दर्जन विभागों के आला अफसर दिल्ली रवाना होंगे। 13 को सभी की एनजीटी में पेशी हैं। दोनों नदियों के साथ ही रामगढ़ताल में गिर रहे प्रदूषित पानी पर एनजीटी ने जिला प्रशासन, कमिश्नर, नगर निगम, जीडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम के अफसरों को तलब किया है। इस कार्रवाई से हलचल में आए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गीडा की 18 फैक्ट्रियों पर तालाबंदी के साथ ही 27 फैक्टियों को नोटिस दिया है। मगर एसटीपी की स्थापना के लिए अभी भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। राप्ती और आमी में विभिन्न फैक्ट्रियों के साथ ही शहर का भी गंदा पानी जाकर मिल रहा है तो रामगढ़ताल में दो एसटीपी के बाद भी सहारा इस्टेट के अलावा मोहद्दीपुर से लेक र कूड़ाघाट तक के सभी इलाकों का गंदा पानी सीधे ताल में मिल रहा है।