संतकबीरनगर। सीजेएम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को बसपा के पूर्व विधायक भगवान दास को जेल भेज दिया। 28 साल पूर्व धनघटा में धारा 144 के उल्लंघन के मामले में पेश न होने पर कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट जारी किया था। बसपा नेता वारंट निरस्त कराने के लिए बृहस्पतिवार को कोर्ट पहुंचे थे। एक मार्च 1989 को दोपहर साढे़ तीन बजे को बसपा के पूर्व विधायक भगवान दास धारा 144 प्रभावी होने के बावजूूद समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए धनघटा की ओर जा रहे थे। गागरगाड़ के पास प्रशासन ने उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ रोका और क्षेत्र में तनाव का हवाला भी दिया। इसके बाद भी वह नहीं माने। इस मामले में पूर्व विधायक भगवान दास समेत 12 लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का केस दर्ज किया था। पूर्व विधायक इस मामले में कोर्ट से जमानत ले ली थी और उसके बाद काफी समय से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस कारण उनके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसी मामले में पूर्व विधायक अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम दीपकांत मणि ने पूर्व विधायक के प्रार्थना पत्र को जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए निरस्त कर दिया। करीब चार घंटे तक पूर्व विधायक कोर्ट के कटघरे में खड़े रहे। बाद में कोर्ट ने उन्हें जिला कारागार बस्ती भेजवा दिया।