विक्रमजोत सीएचसी का निरीक्षण करते डिप्टी सीएमओ ।
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विक्रमजोत(बस्ती)। ब्लॉक क्षेत्र के 321 राजस्व गांवों के डेढ़ लाख आबादी के इलाज का जिम्मा संभालने वाले सीएचसी की हालत बदतर है। यहां वार्डों में बेड के गद्दे फटे-पुराने हैं। इन पर बिना चादर के ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। डिप्टी सीएमओ के निरीक्षण में अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी भी नहीं मिले। सोमवार दोपहर करीब दो बजे डिप्टी सीएमओ डॉ. सीके वर्मा, जिला स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी एलके पांडेय, यूनीसेफ के सुरेंद्र शुक्ल व सहायक शोध अधिकारी बीएन मिश्र सीएचसी पहुंचे। टीम को देखकर अस्पताल में अफरातफरी मच गई। टीम सीधे लेबर रूम में पहुंची। यहां दोपहर में भी अंधेरा था। प्रकाश की कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं थी। बेड पर चादर, गद्दा व कंबल भी नहीं थे। डिप्टी सीएमओ डा. आरएम शुक्ल से जब स्थिति पर जानकारी चाही तो उन्होंने डिप्टी सीएमओ को बताया कि अस्पताल में मात्र तीन कंबल मौजूद है जो गंदे हो चुके हैं। प्रसव कक्ष की वायरिंग खराब है, जबकि जेनरेटर भी करीब दो हफ्ते से खराब चल है। डिप्टी सीएमओ ने जब लाग बुक मांगा तो पता चला कि वह भी गायब है। स्टाफ रूम बंद पाया गया, जबकि कुर्सी मेज धूल की भरमार थी। एएनएम भी गैर हाजिर पाई गईं, जिन्हें बुलाया गया। एएनएम प्रिया, ज्योति व आरती से जब डिप्टी सीएमओ ने पूछताछ की तो वे किसी बात का सही जवाब नहीं दे र्पाइं। ओपीडी में डॉ. आरएम शुक्ल व आयुष चिकित्सक डॉ. दिनेश कुशवाहा मिले, जबकि सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद जायसवाल गैर हाजिर पाए गए। यहां टीकाकरण के लिए बनाए गए वैक्सीन रूम में कोई जिम्मेदार नहीं मिला। पता चला कि हेल्थ ऑपरेटर कई दिनों से गैर हाजिर चल रहे हैं। उन्हें फोन किया गया तो वे भी पहुंचे। जब डिप्टी सीएमओ ने डीफ्रीजर व उसमें रखी दवाओं के अलावा थर्मामीटर के विषय में पूछताछ शुरू किया तो आपरेटर के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। प्रयोग के तौर पर एक डीफ्रीजर खोला गया तो उसमें थर्मामीटर गायब था। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि पूर्व में मिली शिकायतों की अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पुष्टि हो गई। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी। गैर हाजिर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की गई है।