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कॉम्बिनेशन वाली 350 दवाओं पर प्रतिबंध

Mon, 14 Mar 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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दवा
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दो या उससे अधिक मर्ज के कॉम्बिनेशन वाली दवाओं के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें 350 दवाएं शामिल हैं। केंद्र सरकार ने यह फैसला विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया है, जिसमें इन दवाओं को जीवन के लिए खतरनाक बताते हुए इनपर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी।
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विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कई दवाओं के कॉम्बिनेशन का कोई चिकित्सकीय औचित्य न होने तक की टिप्पणी की थी। ऐसे में सरकार ने 10 मार्च को तत्काल प्रभाव से इन दवाओं पर रोक लगाने का गजट जारी कर दिया। ताजे निर्णय की जानकारी के बाद दवा कंपनियों के अलावा विक्रेताओं में भी खलबली मच गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव केएल शर्मा ने ऑनलाइन गजट जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से इन दवाओं पर रोक लगाने का आदेश दिया है। हालांकि दवाओं पर रोक कैसे लगाई जाए, इस संबंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है और न ही कंपनियों को दवाएं वापस लेने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के बाद बाजार में उपलब्ध करोड़ों की दवाओं के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने नए कानून पर अमल की बात तो कही है पर उन्हें भी यूपी ड्रग कंट्रोलर के दिशा निर्देश का इंतजार है।
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अब ऐसे लिखी जाएंगी दवाएं
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को मर्ज के हिसाब से ही दवा दी जाएगी। मसलन यदि खांसी और बुखार हुआ है तो दो अलग-अलग दवा देंगे। अभी तक खांसी, बुखार के साथ दर्द की भी दवा का कॉम्बिनेशन देते थे।

बहुत सी ऐसी दवाएं इस्तेमाल में लाई जा रही हैं जिनके कॉंम्बिनेशन को पहले ही कई देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है, मगर बड़ी कंपनियां भारत में इन दवाओं को खपा रही हैं। सरकार का आदेश अभी हम लोगों के पास नहीं आया है। आने के बाद डॉक्टरों को भी इसकी जानकारी हो जाएगी।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता, सचिव, आईएमए, गोरखपुर

नए कानून की ऑनलाइन जानकारी हुई है। हो सकता है कि कंपनियां कॉम्बिनेशन वाली दवाएं वापस ले लें। फिलहाल इस संबंध में यूपी ड्रग कंट्रोलर का कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आते ही दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी।
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- बृजेश यादव, ड्रग इंस्पेक्टर
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