देवरिया। सोलर पंप की खूबियों को देखकर जिले के दस हजार से अधिक किसानों ने कृषि विभाग के किसान पोर्टल पर आवेदन किया। अब इसे लेने के लिए महज 338 किसानों ने सहमति दी है। बाकी सोलर पंप लगवाने से कतरा रहे हैं। इसलिए जिले में सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। शासन ने किसानों की फसल लागत कम करने के लिए सोलर पंप नई सिंचाई तकनीकी योजना की शुरूआत की है। पिछले वर्ष के मुकाबले सोलर पंप की लागत में बदलाव करते हुए जिलों का भी लक्ष्य ढाई गुना कर दिया है। पिछले वर्ष जिले को 191 सोलर पंप का लक्ष्य मिला था। इस वर्ष पांच सौ कर दिया गया है। जिले से ब्लॉक स्तर के विभागीय कर्मचारी सोलर पंप की खूबियां किसानों को गिना रहे हैं। फिर भी किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इस साल विभाग एक भी सोलर पंप नहीं लगवा पाया है। सोलर पंप लगवाने के लिए 10 हजार से अधिक किसानों ने आवेदन के बाद चुप्पी साध ली है। महज 338 किसानों ने पोर्टल के जरिए सोलर पंप लगाने की अनुमति दी है। कई किसान सहमति के बावजूद सोलर पंप लेने से इंकार कर दे रहे हैं। उप कृषि निदेशक एके मिश्रा ने बताया कि किसानों को सोलर पंप की खूबियों के बारे में बताया जा रहा है। उन्हें प्रेरित किया जा रहा है कि वे सोलर पंप लगवाकर महंगी सिंचाई से छुटकारा पा सकते हैं। उम्मीद है कि किसानों को यह योजना रास आएगी।