देवरिया(बरहज)। सरयू तट पर सिल्ट सफाई के नाम पर अवैध बालू खनन की जांच करने आई लखनऊ से आई सीबीआई टीम को देख गौरा बरहज नगर पालिका परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया। सीबीआई ने अफसरों और कर्मचारियों से बंद कमरे में करीब आधा घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अफसर और कर्मचारी ठंड में भी पसीने-पसीने हो रहे थे। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम ने जिले के कुछ और खनन वाले स्थानों पर गई थी। मंगलवार की शाम को सीबीआई की टीम गौरा बरहज नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंची। सीबीआई से 2009 से 2017 के बीच सरयू नदी तट पर कराई गई सिल्ट सफाई की फाइल मांगनी शुरू की तो कर्मचारी बगले झांकने लगे। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम कुछ फाइल अपने साथ भी लेती गई है। सीबीआई ने कर्मचारियों से कई ऐसे सवाल किए जिससे वे उलझ गए। कर्मचारी एक सवाल का जवाब अभी दे पा रहे थे कि दूसरा सवाल दाग दिया जाता था। बताया जा रहा है कि बेलडार गांव निवासी समाजसेवी अजय प्रताप सिंह ने पांच अक्टूबर को सीबीआई से शिकायत की थी कि गौरा बरहज नगर पालिका परिषद ने सरयू तट पर सिल्ट सफाई के नाम पर अवैध बालू खनन कराया है। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई टीम यहां आई हुई है। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम जिले के कई अन्य क्षेत्रों में अवैध बालू खनन को लेकर पूछताछ कर सकती है। क्योंकि योगी सरकार ने भी अवैध बालू खनन की जांच सीबीआई को सौंप रखी है। सूत्रों की मानें तो बरहज में अवैध बालू खनन के मामले में पूर्व अधिशासी अधिकारी और कुछ नेताओं से भी पूछताछ हो सकती है। अधिशासी अधिकारी अवधेश सिंह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन सीयूजी नंबर बंद था। एसडीएम अरुण सिंह ने बताया कि सीबीआई जिले के चिह्नित जगहों की पड़ताल कर रही है। बरहज भी आने की सूचना मिली है।