अस्पताल में बंद महिला को लिफ्टर मशीन से छत से नीचे उतारा गया।
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रुद्रपुर (देवरिया)। अवैध ढंग से चल रहे अस्पताल को सील करने की कार्रवाई के दौरान एक महिला को भीतर ही छोड़ कर अस्पताल पर ताला लगा दिया गया मेन गेट सील हो जाने के चलते महिला को पूरी रात अस्पताल में कैदी की गुजारनी पड़ी। रविवार सुबह जब महिला के अंदर होने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम पहुंचे। आनन-फानन में नगर पंचायत की लिफ्टर मशीन मंगाकर महिला को छत के रास्ते नीचे उतारा गया। एसडीएम रामबिलास और डिप्टी सीएमओ डॉ. डीबी शाही की मौजूदगी में हुई छापामारी के बाद शनिवार को दुग्धेश्वर नाथ पॉलिक्लीनिक के नाम से चल रहे अस्पताल सील कर दिया गया। इस दौरान इसी मकान में रहने वाली एक महिला अंदर रह गई। अस्पताल का मेन गेट सील हो जाने से उसे रातभर कैदी की तरह रहना पड़ा। एसडीएम ने इस घटना को अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाली की साजिश बताया। उन्होंने आशंका जताई है कि महिला को अस्पताल सील करने के बाद छत के रास्ते अंदर पहुंचाया गया होगा। दरअसल, जिस मकान में अस्पताल चल रहा है उसी में ऊपर के एक कमरे में इमिलिहां की रहने वाली कलावती देवी रहती हैं। मकान मालिक छेदी गुप्ता ने बताया कि उन्हें मकान की सफाई के लिए रखा गया है। बकौल मकान मालिक कलावती छत पर कमरे सो रही रही थीं। इसी दौरान प्रशासन के लोगों ने पहुंच कर अस्पताल को सील कर मकान के मेनगेट पर ताला लगा दिया। इसके चलते कलावती भीतर ही बंद रह गईं और उन्हें पूरी रात अंदर ही गुजारनी पड़ी। मकान मालिक का कहना है कि अब मकान में अस्पताल नहीं चलता है। उन्होंने अस्पताल पर कार्रवाई के नाम पर मकान पर ताला लगाए जाने को प्रशासन पर जानबूझ कर परेशान किए जाने की बात कही। उधर, एसडीएम रामबिलास राम का कहना है कि अस्पताल संचालक ने ध्यान भटकाने के लिए साजिश की तहत महिला को मकान के अंदर प्रवेश कराया। मकान में अवैध अस्पताल संचालित होने के कई सबूत मिले हैं। इसकी बाकायदा फोटोग्राफी और बीडीओ ग्राफी भी कराई गई है। अस्पताल की जांच के दौरान अंदर महिला नहीं थी। अस्पताल संचालक खुद ही मेन गेट पर ताला लगाकर फरार हो गया था। बंद ताले पर दूसरा ताला लगाकर अस्पताल सील किया गया। एसडीएम का कहना है कि मामाले की जांच चल रही है, रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।