रामगढ़ताल के 500 मीटर के दायरे में नहीं कर सकेंगे निर्माण।
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गोरखपुर। रामगढ़ताल के वेट लैंड को लेकर एनजीटी की सख्ती के बाद जीडीए ने ताल के 500 मीटर के दायरे में निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करने पर बुधवार को रोक लगा दी । रोक संबंधी आदेश को प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अब नक्शा पास कराने के आवेदन में इसका जिक्र करना होगा कि निर्माण स्थल, प्रतिबंधित दायरे से बाहर है। प्राधिकरण के स्तर से जांच भी कराई जाएगी। एनजीटी की हाई पावर कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह के मुताबिक रीजुवेनेशन (कायाकल्प) कमेटी की रिपोर्ट आने तक निर्माण पर प्रतिबंध लागू रहेगा। कमेटी की रिपोर्ट इसी सप्ताह आ सकती है। इसका अध्ययन करने के बाद ही एनजीटी यह तय करेगा कि प्रतिबंध का दायरा यही बना रहेगा या घटाया-बढ़ाया जाएगा।
आधे हो चुके निर्माण भी पूरे नहीं हो सकेंगे
एनजीटी का अगला आदेश आने तक ताल के 500 मीटर के दायरे में पुराने या आधे हो चुके निर्माण को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा। प्रतिबंध का दायरा बढ़ने से जीडीए से लेकर प्राइवेट बिल्डरों की बेशकीमती भूमि और उसपर होने वाले निर्माण पर संकट के बादल छा गए हैं। जीडीए की 42 एकड़ भूमि और निर्माणाधीन मल्टीस्टोरी बिल्डिंग भी वेटलैंड के बढ़े दायरे में है।
चिड़ियाघर के निर्माण पर भी एनजीटी की नजर
रामगढ़ताल के पांच सौ मीटर के दायरे में निर्माण रोकने के आदेश में एनजीटी ने सिर्फ सर्किट हाउस के पास बन रहे एनेक्सी के निर्माण को छूट दी है। प्रतिबंधित दायरे में चिड़ियाघर का भी काफी हिस्सा आ रहा है, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। एनजीटी हाईपावर कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले महीने कमेटी के भौतिक सत्यापन में भी चिड़ियाघर में निर्माण होता पाया गया। एनजीटी को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में वे इसका उल्लेख करेंगे।