साधन सहकारी समिति पौली में लगा ताला।
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संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के समितियों पर कार्यरत सचिवों ने अपनी समितियों पर मंगलवार को तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोतीलाल यादव ने कहा कि समितियों पर कार्यरत कर्मचारियों को पिछले सात-आठ वर्ष से वेतन नहीं मिला है, जिससे परिवार के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले में कुल 83 सहकारी समितियां सक्रिय है। इन समितियों पर वर्तमान में मात्र 43 सचिवों की ही तैनाती है। सभी समितियों पर सचिवों की तैनाती न होने से कामकाज में तमाम दिक्कतें आ रहीं है। उन्होंने कहा कि समितियों पर कार्यरत सचिवों का वर्षों से वेतन बकाया है, जिसके भुगतान के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि तालाबंदी के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं की गई तो काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 17 अक्टूबर को सभी सचिव सामूहिक इस्तीफा दें देंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। प्रांतीय संयुक्त मंत्री अयोध्या प्रसाद ने एआर कोआपरेटिव विवेक सिंह से मुलाकात की। प्रांतीय संयुक्त मंत्री ने बताया कि बुधवार को सचिव कालीपट्टी बांध कर काम करेंगे, लेकिन प्रदेश स्तरीय आंदोलन में हिस्सा लेेंगे और अपनी मांगों को पूरा होने तक संघर्षरत जारी रहेगा। विरोध जताने वालों में शिवदास, अरुण लाल, सीताराम चौधरी, वीरेंद्र कुमार, कृष्ण प्रताप सिंह, श्रीराम यादव, शिवेंद्र कुमार सिंह, शैलेंद्र सिंह, श्रीधर पांडेय, बृजकिशोर तिवारी, रामकेश यादव, राघवेंद्र सिंह, अक्षयवार लाल, जय प्रकाश, चक्रधर पाठक, राम नाथ मौर्य आदि शामिल रहे।