गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. मुरली मनोहर पाठक 27 मई को हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयागराज की ओर से महामहोपाध्याय की मानद उपाधि से विभूषित किए जाएंगे। प्रो पाठक को यह सम्मान संस्कृत एवं संस्कृत विद्या के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए दिया जाएगा। हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री डॉ विभूति मिश्र ने इस आशय का पत्र भेजकर जानकारी दी है। प्रो. पाठक गोरखपुर के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें इस उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। इस उपलब्धि पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीके सिंह एवं शिक्षकों, कर्मचारियों ने बधाई दी है।
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