देवरिया। बसपा और सपा सरकार में जिले में हुए बालू खनन की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में बालू खनन की मूल फाइलें सीबीआई ने मंगा ली हैं। इसमें बरहज में नदी की धारा मोड़ने के लिए किए गए खनन से जुड़े कागजात भी शामिल हैं। इससे विभागीय अफसरों के अलावा सफेदपोशों की बेचैनी बढ़ गई है। जनपद में सफेद बालू से काली कमाई का धंधा पूर्व की सरकारों में बेखौफ तरीके से चला। अफसरों की मिलीभगत से डेंजर जोन में भी अवैध खनन कराया गया। कोर्ट के निर्देश पर देवरिया समेत प्रदेश के कई जिलों में बालू खनन की जांच सीबीआई कर रही है। इस प्रकरण में दो माह में दो बार सीबीआई टीम देवरिया आ चुकी है। कई दिनों तक जिले में रहकर ठेकेदारों का बयान दर्ज करना और मौके पर पहुंचकर बालू घाटों का निरीक्षण किया था। सीबीआई बालू खनन की कुछ फाइलों की छाया प्रति साथ ले गई थी। एक सप्ताह पहले वर्ष 2006 से 2016 तक रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर ,देवरिया और भाटपाररानी तहसील के घाघरा और छोटी गंडक में हुए बालू खनन की मूल फाइलें सीबीआई ने हेड क्वार्टर मंगा लिया। खनन विभाग के कर्मचारियों ने फाइलों को पहुंचा दिया है। दोबारा जिले में आई सीबीआई के हाथ बरहज नगर प्रशासन की ओर से घाघरा की धारा मोड़ने के नाम पर कराए गए बालू खनन के साक्ष्य मिलेे थे। पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल और ईओ अवधेश सिंह का सीबीआई टीम ने बयान भी दर्ज किया था। खनन अधिकारी उमाशंकर ने बताया कि बालू खनन की मूल फाइलों को सीबीआई हेड क्वार्टर एक सप्ताह पहले पहुंचा दिया गया है।