चिटफंड कंपनी के विरोध में पीड़ित लोगों ने प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
22 हजार से अधिक निवेशकों के 10 करोड़ से अधिक रकम लेकर दफ्तर बंद कर भागने वाली चिटफंड कंपनी पल्स एग्रोटेक कार्पोरेशन लिमिटेड कंपनी (पीएसीएल) के खिलाफ रविवार को निवेशकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीएम सुजीत कुमार को दिया। इसमें मांग की गई है कि रकम वापस दिलाई जाए और कंपनी से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। ऐसा न होने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी। चिटफंड कंपनी पल्स एग्रोटेक कार्पोरेशन लिमिटेड कंपनी (पीएसीएल) ने18 साल पूर्व अपनी शाखा शहर के भटवलिया चौराहा पर खोली। इससे 22 हजार से अधिक निवेशक जुड़े और दस करोड़ से अधिक रुपये कंपनी के पालिसी के तहत जमा किए। फरवरी वर्ष 2017 को कंपनी वर्कर शाखा में ताला बंद कर फरार हो गए। इसको लेकर निवेशकों और वर्करों में विवाद भी हुआ। कंपनी के बड़े वर्करों ने रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। लोगों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने रकम वापस करने के लिए जो समय दिया था। वह निकल गया। लेकिन रकम नहीं मिली। इसकी शिकायत कई बार पुलिस और प्रशासन के अफसरों से की गई। लेकिन कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी के कर्मी कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए लोगों को रकम देने में अब टाल मटोल कर रहे हैं। इससे नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हौशिला कुुमार विश्वकर्मा, सूर्यनाथ गिरि, सत्यनरायण, रामसहोदर, बाबूराम कुशवाहा, दीनानाथ, जटाशंकर जायसवाल, विजय कुमार, जयनरायण, सुरेश पांडय, हरेराम शर्मा, मोहनलाल आदि मौजूद रहे।