संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के उस्का कला गांव की दलित बस्ती में शुक्त्रस्वार की दोपहर में एक छात्रा की चोटी कट जाने का मामला सामने आने के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। वहीं बखिरा क्षेत्र के धोबहा में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। उस्का कला गांव निवासी शेषनाथ ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी साधना कक्षा सातवीं में पढ़ती है। दोपहर में बेटी बरामदे में सोई थी और घर के लोग खेत में धान की फसल की निराई- गुड़ाई करने गए थे। दोपहर एक बजे के करीब बेटी सो कर उठी तो उसकी चोटी कटी थी। बेटी के चिल्लाने पर आसपास के लोग जुट गए। पड़ोसियों ने देखा कि उसकी बेटी की चोटी कट गई है। घटना की खबर के बाद में खेत में काम कर रहे परिजन भी घर पहुंच गए। उसके बाद लोगों की भीड़ जुट गई। घटना से बेटी काफी सहमी हुई है। कोतवाल राकेश सिंह यादव ने बताया कि उस्का कला में छात्रा की चोटी कटने की कोई सूचना नहीं है। वैसे यह महज अफवाह है। कोतवाल ने लोगों से अपील किया कि चोटी कटने की अफवाह पर ध्यान न दें। अफवाह फैला कर समाज में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करना भी कानूनन अपराध है। सांथा प्रतिनिधि के अनुसार, बखिरा क्षेत्र के धोबहा गांव की रहने वाली एक किशोरी की शुक्त्रस्वार की रात चोटी कट गई। घटना के सदमे से किशोरी बेहोश हो गई और उसके घर पर आसपास के लोग जुट गए। बाद में परिजन उसे सीएचसी सांथा ले गए। धोबहा गांव निवासी मुस्लिम ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय बेटी नूरजहां घर के पास रात सात बजे खड़ी थी। उसी दौरान अचानक बेहोश होकर बेटी जमीन पर गिर पड़ी। जब तक परिजन उसे दौड़ कर उठाने की कोशिश करते, तभी अचानक लोगों की नजर बेटी के सिर पर गई। देखा कि बेटी नूरजहां की चोटी कट गई। जिसे देख कर परिजन अवाक रह गए। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन किशोरी को सांथा सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने उपचार किया।