बस्ती। देवरिया के जिला समाज कल्याण अधिकारी और संतकबीरनगर के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल बिना विभागीय अनुमति के पत्नी-पुत्र के नाम से जमीन की खरीद-बिक्री के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।उनके द्वारा यह अनियमितता बस्ती समेत कई जिलों में की गई है। सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत राज्यपाल ने इन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी है। पूरे मामले की जांच के लिए जनजाति कल्याण निदेशालय के उपनिदेशक आरपी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।20 दिसंबर 2017 को प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह की ओर से जारी में आदेश में कहा गया है कि संपत्ति क्रय-विक्रय की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जांच का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में बस्ती और संतकबीरनगर के डीएम को भी पत्र भेजा गया है। बस्ती के डीएम अरविंद कुमार सिंह ने पत्र मिलने की पुष्टि की है।