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कौमी एकता मजबूत करती है पिपरा गांव की रामलीला

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महराजगंज। नौतनवां विकास खंड के ग्राम सभा पिपरा स्थित सड़क के मेन चौराहे पर रामलीला सन 2000 से नवदुर्गा रामलीला समिति की देखरेख में स्थानीय कलाकारों की तरफ से प्रारंभ हुई थी। गांव के इंद्रजीत कुशवाहा, असफाक अहमद, सुदामा सहानी, श्रवण गुप्ता, नाथू पांडेय आदि ने समिति का गठन सन 2000 में नव दुर्गा रामलीला समिति का गठन किया। समिति की तरफ से हर साल नवरात्र व दशहरा के मौके पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही रामलीला कराई जाती है। यहां की रामलीला हिंदू - मुस्लिम भाई चारे का प्रतीक है। यहां पर दोनों समुदाय के लोग मिलजुल कर आपसी सहयोग से रामलीला व दुर्गा प्रतिमा रखते हैं। यहां की 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। यहां पर दोनों समुदाय मिलकर बड़े ही उत्साह से कार्यक्रम का आयोजन कराते हैं। पिपरा गांव की रामलीला से कौमी एकता को मजबूत होती है। यहां की रामलीला का इस साल 24 सितंबर से शुरू होगी। इस वर्ष रामलीला के मुख्य आकर्षण नारद मोह, राम जन्म, फुलवारी, राम-सिता विवाह, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, रावण-वाणासुर संवाद, रामवनगमन, भरत मिलाप आदि का मंचन है। समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत कुशवाहा का कहना है कि रामलीला देखने वाले दर्शकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता है। महिलाओं व पुरुषों के बैठने के लिए अलग अलग व्यवस्था रहती है। ताकि किसी को कोई परेशानी न होने पाए। समिति के संयोजक अशफाक अहमद अंसारी का कहना है कि समिति के कलाकारों की देखरेख, सामानों की उपलब्धता एवं अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। समिति के सदस्य सुदामा सहानी का कहना है कि रामलीला में दशरथ व रावण का किरदार निभाते हैं। दर्शकों की भीड़ ज्यादा भीड़ जुटती है। समिति के एक अन्य सदस्य नाथू पांडेय का कहना है कि रामलीला में वह देव ऋषि नारद किरदार निभाते हैं।
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