गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र के इमरती विशेन गांव निवासी मोहम्मद शकील (28) का शव लंबी कवायद के बाद सोमवार को सऊदी अरब से घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। बीते 06 सितंबर को सऊदी अरब में शकील की मौत हो गई थी। शव मंगाने के लिए परिजनों ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह व जिलाधिकारी नेहा शर्मा से गुहार लगाई थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग भी की है।
इमरती विशेन गांव निवासी मोहम्मद शकील रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। उनकी पत्नी का कहना है कि छह सितंबर को पति ने फोन पर बातचीत में अनहोनी की आशंका जताई थी। बताया था कि उनके साथ वहां कुछ भी हो सकता है। इसी के कुछ देर बाद शकील की मौत की सूचना मिली। इसी के चलते परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सऊदी अरब में शकील का पोस्टमार्टम हुआ था। जिसकी रिपोर्ट के साथ अब पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देंगे। ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा सके। फिलहाल शव पहुंचने के बाद सोमवार को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
परिवार में मोहम्मद शकील ही कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद चार बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी पत्नी के कंधों पर आ गई है। परिवार के हामिद का कहना है कि अब सरकार से ही मदद की आस है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के नीलांबुज ने बताया कि ऐसे परिवार के लिए स्वयं सहायता समूह से लाभ देने की योजना है, इसके साथ ही विधवा पेंशन का लाभ दिया जा सकता है। प्रयास होगा कि गरीब परिवार को जोड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
शकील की मौत ऐसे ही नहीं हुई है। परिजनों का कहना है कि यह हत्या का मामला है। जिसका राज सऊदी अरब में दफन है। परिजनों का कहना है कि यदि सऊदी अरब की सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए तो न सिर्फ हत्या का खुलासा होगा बल्कि कातिल भी गिरफ्त में होंगे।