नवाबगंज/गोंडा। नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज में पढ़ रहीं 2785 छात्राओं को अब स्मार्ट शिक्षा मिलेगी। पीएम श्री योजना में कॉलेज को केंद्र सरकार ने शामिल किया है। दो करोड़ से कॉलेज में बड़े परिवर्तन होंगे। इसी से छात्राओं को विश्वस्तरीय शिक्षा हासिल हो सकेगी।
वर्ष 1968 से कस्बे में संचालित कॉलेज की अलग पहचान है। अब पीएम श्री योजना से कॉलेज की सूरत बदलेगी। कॉलेज में गुणवत्ता व मूल्यांकन फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा। लर्निंग आउटकम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षा, खेल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह कॉलेज अन्य स्कूलों के लिए मिसाल बनेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में मदद मिलेगी। स्कूल में प्रैक्टिकल, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। ये शिक्षकों के लिए भी काफी अहम होगा। इसमें स्मार्ट कक्षा, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं होंगी।
ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित कॉलेज
पीएम श्री योजना के अंतर्गत नगरपालिका कन्या इंटर कॉलेज को अब ग्रीन कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें सौर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा से संबंधित पर्यावरण के अनुकूल पहलुओं को शामिल किया जाएगा। कॉलेज में अपनाई गई शिक्षा पद्धति अधिक अनुभवात्मक, समग्र, एकीकृत, खेल-खिलौना आधारित, पूछताछ संचालित, खोज-उन्मुख, चर्चा आधारित, लचीला और मनोरंजक होगी। प्रत्येक क्लास में प्रत्येक बच्चे के सीखने के परिणामों पर ध्यान दिया जाएगा। रोजगार बढ़ाने और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए क्षेत्र कौशल विकास और स्थानीय उद्योग के साथ जुड़ाव का पता लगाया जाएगा। स्कूल गुणवत्ता आकलन ढांचा (एसक्यूएएफ) विकसित होगा।
55 साल पहले खुला था कॉलेज
आसपास पढ़ाई की सुविधा न होने पर नवाबगंज नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज की स्थापना 55 साल पहले सन् 1968 में तत्कालीन नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष शिव नारायण अग्रवाल ने किया था। उस समय तरबगंज, वजीरगंज, टिकरी, कटरा शिवदयालगंज की छात्राओं के इंटर तक शिक्षा प्राप्त करने के लिए यही एक मात्र इंटर कॉलेज था। दूर-दराज से छात्राएं यहीं पढ़ने के लिए आतीं थीं। अब विद्यालय में 2785 छात्राएं पढ़ रहीं हैं, जिसमें कक्षा 6 से 8 तक 632 छात्राएं है। विद्यालय के नौ कमरे जर्जर हालत में हैं। बारिश में छतों से पानी टपकता है। बाउंड्रीवॉल भी जर्जर हो चुकी है। पीएम श्री से अब स्कूल की सूरत बदलने की उम्मीद जगी है।वर्तमान में विद्यालय में 39 शिक्षिकाएं हैं। जिसमें 23 अभिभावक एसोसिएशन के माध्यम से हैं। प्रधानाचार्य सहित 16 शिक्षिकाएं शासकीय नियुक्ति से हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिम्मी दूबे ने कहा कि पीएम श्री योजना में कॉलेज का चयन होने से कई तरह के बदलाव होंगे। पढ़ाई की व्यवस्था बदलेगी।
पीएमश्री योजना से कॉलेज का चयन हुआ है। केंद्र सरकार मॉडल के रूप में नई शिक्षा नीति के तहत कॉलेज को विकसित करने के लिए बजट देगी। कॉलेज अन्य शैक्षिक संस्थानों के लिए नजीर बनेगा।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक