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बारिश व तेज हवा से गन्ने की फसल धराशायी

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फोटो-10 गोंडा में मनकापुर के किशुनदासपुर में गिरी गन्ने की फसल।-संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। तेज हवाओं के साथ जिले में झमाझम बारिश ने किसानों की उम्मीदें जगा दी। खेतों में सूखकर नष्ट हो रही धान की फसल को संजीवनी मिल गई, लेकिन तेज हवाओं से गन्ने की फसल धराशायी हो गई। बारिश के दौरान फाल्ट आने से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब सौ से अधिक गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही।
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गुरुवार को जिले में बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश से करीब 80 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल को संजीवनी मिल गई, मगर तेज हवाओं से गन्ना व सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। मनकापुर के किसान पृथ्वीराज यादव ने बताया कि बारिश से धान की फसल को तो फायदा हुआ है, पर गन्ने की फसल गिर गई है। सुबह से किसान गन्ने की फसल को खड़ा कर बांधने में जुटे हैं। किसान कृष्णकुमार यादव ने कहा कि गन्ने की फसल के साथ फूल गोभी, पत्ता गोभी टमाटर, तरोई आदि सब्जियों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे उनके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
रोगों से बचेगी फसल
सूखे के हालात के चलते धान की फसल में रोग लगना शुरू हो गया था। कृषि वैज्ञानिक डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि धान की फसल को हल्दी रोग, खैरा रोग तथा धान की फसल को कुंजा रोग समेत अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ गया था। बारिश से इन रोगों के अधिकांश कीड़े मर जाएंगे। जिससे फसलों में रोग लगने की आशंका कम हो जाएगी।
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तार टूटने व अन्य दिक्कतों से 100 गांवों की बिजली गुल
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। मनकापुर, करनैलगंज, नवाबगंज व गोंडा प्रथम खंड के करीब सौ से अधिक गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। कहीं पर तार टूटकर गिर गए तो कहीं पोल जमींदोज गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। बिजली आपूर्ति शुरू करने के लिए कर्मी पूरी रात मशक्कत करते रहे, तब जाकर सुबह आपूर्ति शुरू हुई। ग्रामीण इलाकों में तो देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। जिससे करीब दो लाख की आबादी पूरी रात अंधेरे में रही। अधीक्षण अभियंता राम नरेश सरोज ने बताया कि बारिश व तेज हवाओं से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन लगभग सभी स्थानों पर सप्लाई शुरू कर दी गई है। नुकसान का आकलन करने के लिए अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं।
जल भराव से हुई समस्या
जिले दो दिनों से बरसात से शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर जलभराव हो गया है। जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास घुटनों तक पानी भर गया। इलाज कराने आए मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सिटी स्कैन सहित खून की जांच कराने आए मरीजों के तीमारदार पानी से होते हुए स्ट्रेचर खींचते नजर आए। वहीं रोडवेज बस स्टाफ, पटेलनगर ईदगाह रोड सहित शहर के कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई।
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